तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून की जल्दी एंट्री, अगले 4 दिन झमाझम बारिश के आसार, जानें पूरा मौसम पूर्वानुमान

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Oct 15, 2026, 6:00 PM
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उत्तर-पूर्व मानसून समय से पहले सक्रिय

मुख्य मौसम बिंदु

  • तमिलनाडु में 15 अक्टूबर 2026 को उत्तर-पूर्व मानसून की शुरुआत की घोषणा हुई।
  • नागपट्टिनम में 91 मिमी, कराईकल में 76 मिमी और कराईकल में 56 मिमी बारिश दर्ज।
  • उत्तर-पूर्व मानसून तमिलनाडु की सालाना बारिश में लगभग 48% योगदान देता है।
  • अगले चार दिनों तक तटीय और आंतरिक तमिलनाडु में अच्छी बारिश हो सकती है।
  • Forecast Validity: यह मौसम पूर्वानुमान 20 अक्टूबर तक के लिए मान्य है।

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उत्तर-पूर्व मानसून की शुरुआत के लिए तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में व्यापक बारिश होना जरूरी होता है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में कुछ जगहों पर भारी बारिश, जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इन अनुकूल मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए आज तमिलनाडु में उत्तर-पूर्व मानसून के आगमन की घोषणा कर दी गई है। यह पिछले कुछ दशकों में मानसून की सबसे शुरुआती शुरुआत में से एक है।

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आमतौर पर उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रिय शुरुआत 15 अक्टूबर के आसपास, एक सप्ताह आगे या पीछे यानी लगभग 8 से 22 अक्टूबर के बीच हो सकती है। पिछले तीन वर्षों में मानसून की शुरुआत 15 या 16 अक्टूबर को हुई है। इससे पहले कई वर्षों में मानसून अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में, यानी 25 से 30 अक्टूबर के बीच पहुंचता था। वर्ष 2010 के बाद 2024 और 2026 में सबसे जल्दी, 15 अक्टूबर को मानसून की शुरुआत हुई है। वहीं, वर्ष 2018 में इसकी शुरुआत सबसे देर से, 1 नवंबर को हुई थी।

अपना स्थानीय मौसम पूर्वानुमान यहां देखें

तमिलनाडु के लिए क्यों महत्वपूर्ण है उत्तर-पूर्व मानसून?

उत्तर-पूर्व मानसून तमिलनाडु में बारिश का सबसे प्रमुख मौसम है। राज्य में सालाना औसतन 943.7 मिलीमीटर बारिश होती है। इसमें चार महीने चलने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून का योगदान लगभग 35% रहता है, जबकि तीन महीने के उत्तर-पूर्व मानसून से सालाना बारिश का करीब 48% हिस्सा मिलता है। इस बारिश का कृषि और जल संसाधनों के लिए विशेष महत्व है। उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश रबी फसलों की बुवाई और उनके विकास में मदद करती है। धान, दलहन और मक्का जैसी फसलें काफी हद तक इन बारिशों पर निर्भर रहती हैं। चेन्नई जैसे शहरों के लिए भी अक्टूबर से दिसंबर के ये महीने अहम हैं, क्योंकि इस दौरान होने वाली बारिश से स्थानीय झीलों, तालाबों और जलाशयों में पानी जमा होता है। यदि मानसून कमजोर रहता है, तो राज्य में पीने के पानी की गंभीर कमी हो सकती है और भूजल स्तर भी नीचे गिर सकता है। इस साल उत्तर-पूर्व मानसून की अहमियत और बढ़ गई है, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान तमिलनाडु में सामान्य से लगभग 20% कम बारिश हुई है।

अगले चार दिन तटीय और आंतरिक इलाकों में बरसेंगे बादल

इस बार तमिलनाडु में उत्तर-पूर्व मानसून की शुरुआत काफी बारिश वाले दौर के साथ होने की संभावना है। पिछले साल मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत कमजोर रही थी, लेकिन बाद में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई थीं। इस बार बुधवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। नागपट्टिनम में 91 मिलीमीटर और कराईकल में 76 मिलीमीटर बारिश हुई। आज भी कराईकल में भारी बारिश जारी रही और सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे के बीच 56 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इसका प्रमुख कारण मन्नार की खाड़ी और दक्षिण तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण है। इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिनों तक तमिलनाडु के तटीय और आंतरिक इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद भी अगले 3–4 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इस तरह राज्य में उत्तर-पूर्व मानसून की शुरुआत सक्रिय रहने और लगातार बारिश होने के आसार हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

तमिलनाडु में 15 अक्टूबर 2026 को उत्तर-पूर्व मानसून के आगमन की घोषणा की गई। यह हाल के दशकों की सबसे शुरुआती शुरुआत में से एक है।

अगले चार दिनों तक तटीय और आंतरिक तमिलनाडु में अच्छी बारिश हो सकती है। इसके बाद 3–4 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।

तमिलनाडु की सालाना बारिश में उत्तर-पूर्व मानसून का योगदान लगभग 48% है। यह धान, दलहन और मक्का जैसी फसलों, चेन्नई के जलाशयों और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है