दिल्ली में फिर बढ़ेगा तापमान, बारिश के आसार कम, 25 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में 13 सितंबर के बाद से बारिश नहीं हुई है और सितंबर में अब तक 74.7 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
- 21 सितंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 36°C के पार जा सकता है।
- पंजाब-हरियाणा से भी वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
- दिल्ली के आसपास कन्वर्जेंस जोन पहुंचने से हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
- पूर्वानुमान वैधता: पूर्वानुमान 21 सितंबर 2026 की मौसम स्थिति पर आधारित है, जबकि 24–26 सितंबर के दौरान हल्की बारिश की संभावना और करीब 25 सितंबर के आसपास मानसून वापसी का आकलन किया गया है।
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दिल्ली में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। यहां पर आखिरी बार 13 सितंबर 2026 को हल्की बारिश दर्ज की गई थी, जब 3.4 मिमी बारिश हुई थी। सितंबर में अब तक दिल्ली में कुल 74.7 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि पूरे महीने की सामान्य बारिश 128 मिमी है। मानसून की वापसी नजदीक आने के साथ अब दिल्ली के लिए इस महीने बारिश के सामान्य आंकड़े तक पहुंचना मुश्किल नजर आ रहा है।
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इस महीने दिल्ली में तापमान भी सामान्य से अधिक रहा है और कई बार दिन का अधिकतम तापमान 35°C से ऊपर दर्ज हुआ है। सितंबर में अब तक सबसे अधिक अधिकतम तापमान 10 सितंबर को 36.6°C दर्ज किया गया था। आज यानी 21 सितंबर को भी दिल्ली का दिन का तापमान एक बार फिर 36°C के पार जा सकता है।
दिल्ली में 25 सितंबर के आसपास विदाई संभव
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान के सुदूर पश्चिमी हिस्सों से वापसी शुरू कर दी है। अब राजस्थान के और हिस्सों के साथ पंजाब और हरियाणा से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। दिल्ली से मानसून की वापसी की सामान्य तारीख 25 सितंबर है और इस साल भी इसके आसपास ही मानसून की विदाई होने की संभावना है।
मानसून की वापसी के लिए जरूरी ज्यादातर परिस्थितियां धीरे-धीरे बन रही हैं। हालांकि, हवा के पैटर्न में बदलाव अभी एक महत्वपूर्ण अड़चन हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम मजबूत होकर आगे बढ़ने वाला है और इसके देश के अंदरूनी हिस्सों की ओर आने की संभावना है। यह सिस्टम हवाओं के सामान्य रुख को बदलने और मानसून की वापसी में थोड़ी बाधा डालने वाला कारक बन सकता है।
इसके अलावा, पूर्वी और पश्चिमी हवाओं के मिलने वाले क्षेत्र यानी कन्वर्जेंस जोन की लंबी पट्टी 24 से 26 सितंबर के बीच दिल्ली के आसपास पहुंच सकती है। इसी वजह से राजधानी और आसपास के इलाकों में बादलों के कुछ छोटे-छोटे समूह बन सकते हैं। इन बादलों में नमी और बारिश की बूंदें मौजूद हो सकती हैं, इसलिए दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की एक सीमित संभावना बनी हुई है। हालांकि, भारी या लगातार बारिश की उम्मीद नहीं है।
दिल्ली में मानसून की विदाई अक्सर हुई है देर
दिल्ली से मानसून की वापसी आमतौर पर सामान्य तारीख के आसपास नहीं हो पाती और कई वर्षों में इसमें देरी हुई है। हालांकि, 2025 इसका अपवाद रहा। पिछले साल 24 सितंबर को दिल्ली से मानसून की वापसी हुई थी, जो 2002 के बाद सबसे जल्दी हुई वापसी थी।
वहीं, 2013, 2016, 2018, 2019, 2021 और 2024 में मानसून की वापसी अक्टूबर तक खिसक गई थी। इन वर्षों में सबसे ज्यादा देरी 2013 में हुई, जब 17 अक्टूबर को दिल्ली से मानसून की वापसी हुई थी। उस साल देश से मानसून की वापसी भी काफी देर से हुई थी, जबकि सामान्य तौर पर पूरे देश से मानसून की वापसी 15 अक्टूबर तक पूरी हो जाती है।
2013 में मानसून की वापसी में देरी का एक बड़ा कारण चक्रवात फाइलिन था, जिसने 12 अक्टूबर को ओडिशा में दस्तक दी थी। इस तूफान के कारण वातावरण में लंबे समय तक बदलाव बने रहे और देश के पश्चिमी तथा मध्य हिस्सों से मानसून की वापसी में देरी हुई।
इस साल भी इसी सप्ताह पूर्वी तट पर चक्रवाती सिस्टम का खतरा बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली से मानसून की वापसी में 2013 जैसी लंबी देरी होने की संभावना कम है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली से मानसून की विदाई सामान्य तारीख यानी 25 सितंबर के आसपास होने की उम्मीद है।
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