बंगाल की खाड़ी में बढ़ा तूफानी सिस्टम का खतरा, ओडिशा-आंध्र प्रदेश-तेलंगाना में मूसलाधार बारिश, जानें पूरा मौसम पूर्वानुमान

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 21, 2026, 2:45 PM
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बंगाल की खाड़ी में बन रहा डिप्रेशन, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • निम्न दबाव 22 सितंबर को डिप्रेशन और 23 सितंबर तक डीप डिप्रेशन में बदल सकता है।
  • सिस्टम में तट पार करने से पहले चक्रवाती तूफान बनने की भी क्षमता है।
  • उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट पर भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा है।
  • तेलंगाना के साथ विदर्भ, एमपी, यूपी, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 21 सितंबर 2026 को उपलब्ध मौसम परिस्थितियों पर आधारित है और 23–27 सितंबर के दौरान संभावित मौसम गतिविधियों के लिए मान्य है।

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बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर पहुंच गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 25,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक फैला हुआ है और ऊंचाई बढ़ने के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है। यह सिस्टम कल यानी 22 सितंबर को डिप्रेशन में बदल सकता है।

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अगले दिन यानी 23 सितंबर को डीप डिप्रेशन के रूप में और मजबूत हो सकता है। उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट के पास पहुंचते समय इसकी स्थिति डीप डिप्रेशन और चक्रवाती तूफान के बीच की हो सकती है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में बहुत भारी बारिश की आशंका है।

सैटेलाइट इमेज

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आंध्र प्रदेश तथा ओडिशा के तटीय हिस्सों पर प्रभाव

इस सिस्टम के प्रभाव वाले क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान काफी अधिक है, जो इसके और मजबूत होने के लिए अनुकूल है। हवा की स्थिति और वातावरण की दूसरी परिस्थितियां भी निम्न दबाव क्षेत्र को मजबूत करने में मदद कर रही हैं। ऐसे में इस मौसम सिस्टम में तट से टकराने से पहले चक्रवात बनने की क्षमता है। हालांकि, इसकी वास्तविक तीव्रता को लेकर ज्यादा सही जानकारी अगले 24 घंटों के बाद आएगी।

जब यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर डिप्रेशन में बदल जाएगा। सिस्टम के बाहरी बादलों की पट्टियां तट तक पहुंच चुकी हैं। इसके कारण आज तटीय इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश और मध्यम से तेज हवाएं चल सकती हैं। आने वाले समय में तट के आसपास बादल और घने तथा बड़े क्षेत्र में फैल सकते हैं और आंध्र प्रदेश तथा ओडिशा के तटीय हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं।

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23 से 27 सितंबर के बीच तेज मौसम गतिविधि, कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा

अभी इस सिस्टम के लैंडफॉल की सटीक स्थिति और समय बताना थोड़ा जल्दबाजी होगा। हालांकि, इसके 23 सितंबर यानी परसों तट से टकराने की संभावना है। सिस्टम के डिप्रेशन बनने और आगे की दिशा में तेजी पकड़ने के बाद इसके लैंडफॉल की ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस सिस्टम के कारण 23 से 27 सितंबर 2026 के बीच कई राज्यों में तेज मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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तट पार करने के बाद तेलंगाना में भी बेहद भारी बारिश का खतरा रहेगा। दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश में सिस्टम के तट के पास पहुंचने से पहले ही बहुत भारी बारिश और जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। इसके बाद बारिश का क्षेत्र धीरे-धीरे तट से अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ेगा। विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई हिस्से भी भारी बारिश की चपेट में आ सकते हैं। इन क्षेत्रों में मौसम गतिविधियां एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ेंगी।

लगातार और मूसलाधार बारिश के कारण कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने तथा सामान्य जनजीवन में व्यवधान की आशंका है। इसलिए 23 से 27 सितंबर के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में लगातार होने वाली भारी बारिश को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

यह सिस्टम 22 सितंबर को डिप्रेशन और उसके बाद 23 सितंबर तक डीप डिप्रेशन में बदल सकता है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में बहुत भारी बारिश का खतरा है। इसके बाद विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश हो सकती है।

हां, समुद्र का गर्म तापमान और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां इसके और मजबूत होने में मदद कर सकती हैं। इसलिए तट पार करने से पहले इसके चक्रवाती तूफान बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी तीव्रता की अधिक स्पष्ट जानकारी अगले 24 घंटों में मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है