गुजरात में फिर मूसलाधार बारिश का खतरा, कई जिलों में जलभराव और बाढ़ की आशंका
मुख्य मौसम बिंदु
- दक्षिणी तटीय गुजरात और सौराष्ट्र में आज भारी से अति भारी बारिश का खतरा।
- कल बारिश का मुख्य क्षेत्र सौराष्ट्र और उत्तर की ओर शिफ्ट होगा।
- मध्य और उत्तर गुजरात के कई आंतरिक जिलों में भी भारी बारिश संभव।
- कच्छ में दोनों दिन मध्यम बारिश होने का अनुमान।
- पूर्वानुमान वैधता: 31 जुलाई–1 अगस्त 2026 तक, इसके बाद अगले 6–7 दिनों तक मौसम में सुधार की संभावना।
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पहले से जारी चेतावनी के अनुसार, आज और कल गुजरात में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। आज सबसे अधिक खतरा दक्षिणी तटीय गुजरात और खंभात की खाड़ी (Gulf of Cambay) से लगे सौराष्ट्र के तटीय इलाकों में रहेगा। वहीं कल बारिश का सबसे ज्यादा असर सौराष्ट्र, दक्षिणी तटीय गुजरात के उत्तरी हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। इसके अलावा मध्य और उत्तर गुजरात के आंतरिक इलाकों में भी इन दोनों दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
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डिप्रेशन और अन्य मौसम प्रणालियों से बढ़ा खतरा
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन अब पश्चिम की ओर बढ़कर मध्य प्रदेश के मध्य भाग और उससे सटे महाराष्ट्र पर पहुंच गया है। इस मौसम प्रणाली के आगे नमी का संगम (Convergence Zone) उत्तर मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गुजरात तक फैला हुआ है। इसके साथ ही एक पूर्व-पश्चिम शियर ज़ोन (East-West Shear Zone) भी डिप्रेशन के अक्ष के साथ सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से महाराष्ट्र और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बन गई है, लेकिन सबसे अधिक जोखिम गुजरात में रहेगा।
स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि दक्षिणी तटीय गुजरात सहित राज्य के कई हिस्सों में पिछले सप्ताह अत्यधिक बारिश और बाढ़ आई थी। ऐसे में यदि दोबारा भारी बारिश होती है, तो पहले से प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति फिर बिगड़ सकती है तथा राहत और पुनर्वास कार्यों पर भी असर पड़ सकता है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा, 1 अगस्त से मौसम में मिलेगी राहत
आज भारी बारिश का सबसे अधिक असर वापी, नवसारी, वलसाड, सूरत, भरूच, भावनगर, महुवा और सौराष्ट्र के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। गांधीनगर और अहमदाबाद, जहां पिछले दिनों अत्यधिक बारिश हुई थी, वहां राहत मिलने की संभावना है, लेकिन मानसून की तेज बारिश से पूरी तरह बचाव नहीं होगा। कल बारिश का मुख्य क्षेत्र सौराष्ट्र की ओर खिसक जाएगा। हालांकि इसकी तीव्रता आज की तुलना में कुछ कम रह सकती है। इस दौरान जामनगर, सुरेंद्रनगर, मोरबी, खंभालिया, द्वारका, ओखा, पोरबंदर, राजकोट, अमरेली, वेरावल, सोमनाथ, दीव, ऊना और बोटाद में भारी बारिश का खतरा रहेगा।
वहीं अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, आनंद, मेहसाणा, पालनपुर, डीसा, पाटन, बनासकांठा और साबरकांठा जैसे आंतरिक जिलों में भी मौसम खराब रहने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। कच्छ में दोनों दिन मध्यम बारिश होने का अनुमान है। अच्छी बात यह है कि 1 अगस्त से मौसम की तीव्रता कम होने लगेगी और उसके बाद लगभग 6 से 7 दिनों तक राहत मिलने की संभावना है, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्यों को गति मिल सकेगी।
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