दिल्ली-NCR में शुक्रवार तक बारिश के आसार, वीकेंड पर मौसम रहेगा शुष्क, जानें पूरा मौसम का हाल

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 15, 2026, 12:45 PM
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दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश, फोटो: PTI

मुख्य मौसम बिंदु

  • दिल्ली-NCR में मानसून की विदाई से पहले अगले चार दिनों तक बारिश।
  • दिल्ली में 16-17 सितंबर को बढ़ सकती है बारिश।
  • शनिवार-रविवार से मौसम साफ होने की शुरुआत होगी।
  • अगले सप्ताह मानसून की चरणबद्ध वापसी शुरू हो सकती है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह विश्लेषण 15 सितंबर 2026 के मौसम डेटा के आधार पर है और मौसम प्रणालियों में महत्वपूर्ण बदलाव होने पर पूर्वानुमान संशोधित हो सकता है।

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दिल्ली से मानसून की विदाई का समय अब करीब आता जा रहा है। मानसून की वापसी से पहले दिल्ली-NCR के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर रहा है और कई बार 36 डिग्री तक पहुंच रहा है। यह सामान्य तापमान से काफी ऊपर बना हुआ है। आज 15 सितंबर को भी कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। वहीं, नोएडा के कुछ इलाकों में छिटपुट हल्की बौछारें दर्ज की गईं, हालांकि दिल्ली की दोनों प्रमुख वेधशालाओं सफदरजंग और पालम में बारिश दर्ज नहीं हुई। अब मानसून की विदाई से पहले दिल्ली और आसपास के इलाकों में छिटपुट बारिश गरज-चमक के साथ पड़ने की संभावना है। गौरतलब है, मानसून की वापसी अगले सप्ताह से हो सकती है।

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राजस्थान के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र बदल रहा है मानसून ट्रफ की स्थिति

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे गुजरात तथा दक्षिण पाकिस्तान के क्षेत्र पर बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर मानसून ट्रफ की स्थिति पर भी पड़ रहा है। इसके कारण मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति की तुलना में काफी दक्षिण में बना हुआ है। अगले 24 घंटों में यह निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर दिशा में खिसक सकता है और कमजोर होकर एक ट्रफ के रूप में बदल सकता है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ की स्थिति में भी बदलाव होने की संभावना है। ट्रफ के इस बदलाव का सीधा असर दिल्ली-NCR के मौसम पर देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में बारिश के लिए बनेगा अनुकूल माहौल

मध्य पाकिस्तान और उससे सटे उत्तरी पाकिस्तान के हिस्सों पर एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। जैसे-जैसे मानसून ट्रफ इस सिस्टम के करीब पहुंचेगी, यह मौसम प्रणाली और मजबूत हो सकती है। इसके बाद ट्रफ के धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने और दिल्ली के करीब आने की संभावना है। ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण की यह स्थिति दिल्ली-NCR में बारिश और गरज के साथ बौछारों के लिए अनुकूल माहौल बनाएगी। अगले चार दिनों के दौरान इस वजह से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

बुधवार-गुरुवार को बढ़ेगी बारिश, वीकेंड से मौसम साफ

दिल्ली-NCR में आज 15 सितंबर बारिश की गतिविधियां हल्की और छिटपुट रहने की संभावना है। इसके बाद अगले दो दिनों, यानी बुधवार 16 सितंबर और गुरुवार 17 सितंबर को बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ सकती है। कुछ इलाकों में गरज के साथ बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। 18 सितंबर तक इस मौसम गतिविधि का बचा हुआ असर जारी रह सकता है, जबकि शनिवार और रविवार से मौसम के साफ होने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद पश्चिमी और मध्य राजस्थान के निचले स्तरों में मौसमी प्रतिचक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना बढ़ सकती है। यह स्थिति मानसून की वापसी के लिए अनुकूल होगी और क्षेत्र से मानसून की विदाई का रास्ता साफ कर सकती है। हालांकि, मानसून की वापसी एक साथ पूरे क्षेत्र से होने के बजाय चरणबद्ध यानी अलग-अलग हिस्सों में हो सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दिल्ली-NCR में अगले चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां रह सकती हैं। बुधवार और गुरुवार को बारिश का असर अधिक रहने की संभावना है।

हां, नोएडा समेत दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बारिश का वितरण छिटपुट रह सकता है।

दिल्ली से मानसून की वापसी अगले सप्ताह के आसपास शुरू होने की संभावना है। हालांकि, मानसून की विदाई चरणबद्ध तरीके से हो सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है