मानसून की वापसी पर ब्रेक, बिहार-झारखंड समेत पूर्वी राज्यों में बारिश थमने का इंतजार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Oct 7, 2026, 1:00 PM
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मानसून विदाई अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान से शुरू हुई मानसून की वापसी अब देश के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी है।
  • 3 अक्टूबर तक गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बड़े हिस्सों से मानसून विदा हो चुका है।
  • पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों तक बारिश और गरज-बौछार की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
  • महाराष्ट्र, उत्तर कर्नाटक और तेलंगाना में मौसम पहले से शुष्क बना हुआ है, जिससे मानसून वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
  • Forecast Validity: पूरे देश से मानसून की वापसी 15 अक्टूबर 2026 या उससे पहले पूरी होने की संभावना है; परिस्थितियां बदलने पर पूर्वानुमान संशोधित हो सकता है।

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दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान से वापसी शुरू की थी। यह सामान्य समय से थोड़ी देरी से हुई थी। इसके बाद 23 सितंबर तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो गया। आगे बढ़ते हुए मानसून ने 3 अक्टूबर तक गुजरात और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के साथ-साथ महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बड़े हिस्सों से भी वापसी कर ली है। अभी मानसून की वापसी रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। मौसम परिस्थितियां अनुकूल रहने पर 10 अक्टूबर तक पूर्वी हिस्सों से भी मानसून की वापसी आगे बढ़ सकती है।

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देश से मानसून की पूरी विदाई आमतौर पर अक्टूबर में

पिछले दस वर्षों (2017 से 2025) के आंकड़ों से पता चलता है कि पूरे देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी विदाई आमतौर पर अक्टूबर के मध्य से लेकर अक्टूबर के आखिर तक हुई है। यह सामान्य तारीख 15 अक्टूबर से अक्सर आगे खिसकी है। मानसून की वापसी उत्तर-पश्चिम भारत के सबसे ऊपरी हिस्सों से 1 सितंबर से पहले घोषित नहीं की जाती, भले ही मौसम परिस्थितियां इसके लिए अनुकूल क्यों न हों। इसी तरह पूरे देश से मानसून की अंतिम और पूरी वापसी 1 अक्टूबर से पहले घोषित नहीं की जाती। मानसून की वापसी घोषित करने के लिए लगातार पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां बंद होना, निचले स्तरों पर राजस्थान के ऊपर प्रतिचक्रवात (Anticyclone) का बनना और सैटेलाइट की जलवाष्प तस्वीरों में नमी में पर्याप्त कमी दिखना जरूरी होता है।

पिछले 10 वर्षों में 15 अक्टूबर से पहले नहीं हुई पूरी वापसी

पिछले दस वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि इस अवधि में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरे देश से वापसी 15 अक्टूबर से पहले पूरी नहीं हुई है। हालांकि, वापसी शुरू होने की तारीख में काफी अंतर रहा है। 2015 में मानसून की वापसी 9 अक्टूबर तक शुरू हुई थी, लेकिन इसके बाद केवल 6 दिनों में 15 अक्टूबर तक पूरे देश से मानसून विदा हो गया था। इस अवधि में सबसे देरी से मानसून की पूरी वापसी 28 अक्टूबर को हुई थी, जबकि सबसे जल्दी पूरी वापसी 15 अक्टूबर 2024 को दर्ज की गई। पिछले दो ला नीना नहीं, बल्कि अल नीनो वाले वर्षों—2015 और 2023 में पूरे देश से मानसून की वापसी 19 अक्टूबर को पूरी हुई थी।

पूर्वी भारत में बारिश जारी, इसके बाद वापसी में तेजी की उम्मीद

पूर्वी हिस्सों में अभी भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें जारी हैं। बिहार के छपरा में 11 मिमी और झारखंड के जमशेदपुर में 35 मिमी बारिश दर्ज हुई। ओडिशा के सुंदरगढ़ में 53 मिमी और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में 24 मिमी बारिश हुई। अगले तीन दिनों तक पूर्वी हिस्सों में मौसम गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद बारिश रुकने से मानसून की आगे की वापसी के लिए परिस्थितियां बेहतर होंगी। वहीं, महाराष्ट्र, उत्तर कर्नाटक और तेलंगाना के दक्षिणी हिस्से पिछले कुछ दिनों से मुख्य रूप से शुष्क बने हुए हैं और यहां मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां पहले से ही अनुकूल हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 15 अक्टूबर 2026 या उससे पहले पूरे देश से मानसून की पूरी वापसी होने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान से वापसी शुरू की थी।

मानसून वापसी रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है।

मौजूदा मौसम परिस्थितियों के आधार पर पूरे देश से मानसून की वापसी 15 अक्टूबर 2026 या उससे पहले पूरी होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है