फिर तेज हुआ मानसून...दिल्ली-NCR में गरज-चमक के साथ भारी बरसात, अगले हफ्ते तक जारी रहेगी बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में कई इलाकों में अच्छी बारिश और गरज के साथ बौछारें दर्ज।
- सफदरजंग में 59.2 मिमी, लोधी रोड में 60.4 मिमी और रिज में 57 मिमी बारिश।
- मानसून ट्रफ और दक्षिण-पश्चिम यूपी के चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश बढ़ी ।
- 9 और 10 अगस्त को दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 7-13 अगस्त 2026 तक मान्य है। इसके बाद कुछ दिनों के लिए बारिश में कमी आने की संभावना है।
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दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान कई जगहों पर अच्छी बारिश और गरज के साथ बौछारें दर्ज की गईं। इस दौरान लुटियंस दिल्ली में मानसून की सबसे ज्यादा सक्रियता देखने को मिली। पिछले करीब दो सप्ताह की तुलना में यहां सबसे अच्छी बारिश हुई है। सफदरजंग में 59.2 मिमी, लोधी रोड में 60.4 मिमी और रिज में 57 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, पालम मौसम केंद्र में 16.9 मिमी बारिश हुई। दिल्ली के अधिकांश अन्य मौसम केंद्रों पर 25 से 30 मिमी के बीच बारिश रिकॉर्ड की गई।
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सफदरजंग में लगातार दूसरे दिन भी अच्छी बारिश हुई। इस महीने अब तक यहां कुल 127 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। आने वाले वीकेंड(8-9 अगस्त) और अगले सप्ताह की शुरुआत में भी दिल्ली में बारिश हो सकती है। हालांकि, दिन के दूसरे हिस्से में मौसम की स्थिति में सुधार होने की संभावना है और वीकेंड के दौरान भी मौसम बेहतर रह सकता है।

मानसून ट्रफ बनी दिल्ली की बारिश की मुख्य वजह
इस समय दिल्ली में बारिश कराने वाली सबसे प्रमुख मौसम प्रणाली मानसून ट्रफ है। मानसून ट्रफ एक लंबी पट्टी जैसी मौसम प्रणाली होती है, जिसके आसपास हवा में नमी और बादलों की गतिविधि बढ़ती है। इस समय यह ट्रफ लगातार अपनी स्थिति बदल रही है और कभी दक्षिण तो कभी उत्तर की ओर खिसक रही है।
पिछले दो दिनों में ट्रफ दिल्ली के करीब रही है। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का भी प्रभाव मिल रहा है। इन दोनों मौसमी परिस्थितियों के कारण दिल्ली और आसपास बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यानी दिल्ली में मौजूदा बारिश किसी एक सिस्टम की वजह से नहीं, बल्कि मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से बढ़ी है।
दक्षिणी स्थिति में ट्रफ, 9-10 अगस्त को भी बारिश के आसार
दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के निचले तथा मध्य वायुमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी परिसंचरण के प्रभाव से मानसून ट्रफ दिल्ली के दक्षिण में खिंच गई है। फिलहाल यह ट्रफ गंगानगर, ग्वालियर और सीधी से होकर आगे पूर्व दिशा में बढ़ते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है।
इस मौसम प्रणाली की वजह से निचले स्तर की हवाओं की दिशा एक बार फिर बदलकर पूर्वी हो गई है। इसके चलते निचले बादल और बारिश वाले क्षेत्र पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ सकते हैं। अगले दो दिनों तक चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ की स्थिति लगभग ऐसी ही रहने की संभावना है। इसलिए 9 और 10 अगस्त को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
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7 से 13 अगस्त तक बदलती तीव्रता के साथ बारिश
आने वाले दिनों में मौजूदा चक्रवाती परिसंचरण धीरे-धीरे कमजोर होकर मौसमी ट्रफ में मिल जाएगा। इसके बाद मानसून ट्रफ फिर से दिल्ली के उत्तर की ओर बढ़ेगी, लेकिन राजधानी के काफी करीब बनी रहेगी। इसी दौरान झारखंड के आसपास मौजूद एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगा और 11-12 अगस्त के दौरान उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा आसपास के उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में पहुंच सकता है।
इसके बाद ट्रफ एक बार फिर दक्षिण की ओर खिसक सकती है। ट्रफ का यह बार-बार उत्तर और दक्षिण की ओर खिसकना ही दिल्ली में मानसूनी गतिविधियों को बनाए रख रहा है। इस मौसम पैटर्न के कारण 7 से 13 अगस्त के बीच दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और अलग-अलग समय पर बारिश होने की संभावना है। बारिश की तीव्रता और फैलाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इसके बाद कुछ दिनों के लिए बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। यह शुष्क दौर 15 अगस्त के आसपास होने वाले स्वतंत्रता दिवस के 80वें वर्ष के समारोहों के लिए मौसम को कुछ हद तक अनुकूल बना सकता है।
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