[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 13 अगस्त, 2026 का मौसम पूर्वानुमान
उत्तर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों के पास एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बना है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है।
अगले 48 घंटों में यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है।
Advertisement
मध्य भारत में निम्न दबाव:
Advertisement
पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव अब उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में पहुंच गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। यह सिस्टम मध्य भारत और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।
मानसून ट्रफ:
मानसून ट्रफ इस समय बीकानेर से होते हुए उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव के केंद्र, सतना और जमशेदपुर से गुजर रही है। इसके बाद यह पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तर बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के केंद्र से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। यह ट्रफ समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है।
शियर जोन:
मध्य और उससे सटे उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में करीब 22° उत्तरी अक्षांश के आसपास एक शियर जोन बना हुआ है। यह समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच सक्रिय है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। यह सिस्टम मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधि को प्रभावित कर सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ:
एक पश्चिमी विक्षोभ अभी भी मध्य क्षोभमंडल की पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में मौजूद है। इसका अक्ष करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 68° पूर्वी देशांतर के आसपास, 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में बना हुआ है।
असम के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण:
उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और पूर्वोत्तर भारत में बारिश को प्रभावित कर सकता है।
Advertisement
पिछले 24 घंटे के दौरान, कोंकण और गोवा, जिसमें मुंबई भी शामिल है, पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश हुई।
तमिलनाडु, झारखंड, विदर्भ, पूर्वी असम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश के दौर भी देखे गए।
इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड के कुछ हिस्सों, दक्षिण बिहार, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, गुजरात क्षेत्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और लद्दाख में हल्की बारिश हुई।
पॉडकास्ट वीडियो देखें: El Niño Impact: क्या अगस्त-सितंबर बचा पाएंगे मानसून का सीजन या बढ़ेगा बारिश का संकट? Podcast EP-92
अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे के दौरान, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों और पश्चिमी मध्य प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है।
कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, केरल, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हल्की बारिश हो सकती है।
कुल मिलाकर, अगले 24 घंटों में बारिश का सबसे सक्रिय क्षेत्र पूर्वी और मध्य भारत के साथ-साथ कोंकण-गोवा और पश्चिमी हिमालय के कुछ हिस्से रह सकते हैं। उत्तर बंगाल की खाड़ी में बना नया निम्न दबाव अगले 48 घंटों में मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है, इसलिए आने वाले दिनों में इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना बनी हुई है।






