दिल्ली-एनसीआर में जून की शुरुआत शुष्क, 3 से 6 जून के बीच बारिश और आँधी के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है।
- 3 से 6 जून के बीच बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
- 4 और 5 जून को मौसम सबसे अधिक सक्रिय रह सकता है।
- पूरे सप्ताह अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने के आसार हैं।
दिल्ली में जून महीने की शुरुआत शुष्क मौसम के साथ हुई है। हालांकि पिछले सप्ताह हुई गरज-चमक और बारिश की गतिविधियों का असर अभी भी बना हुआ है, जिससे मौसम सामान्य से अधिक आरामदायक महसूस हो रहा है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे चल रहा है। आज किसी बड़ी मौसमीय गतिविधि की संभावना नहीं है और अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस (एक डिग्री ऊपर या नीचे) रहने का अनुमान है। हालांकि सप्ताह के दौरान तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और जून की शुरुआत में मिली राहत धीरे-धीरे कम हो सकती है। इसके बावजूद सप्ताह के अंत तक तापमान मुश्किल से सामान्य स्तर यानी 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच पाएगा।
जून में दिल्ली का मौसम कैसा रहता है?
दिल्ली में जून का महीना मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव वाला माना जाता है। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली में जून के अंतिम सप्ताह में पहुंचता है और इसकी सामान्य तिथि 27 जून मानी जाती है। महीने के पहले पखवाड़े में आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है और तापमान कई बार 45 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ऊपर पहुंच जाता है।
साल 2010 के बाद से जून महीने का सबसे अधिक तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस 30 जून 2024 को दर्ज किया गया था। इससे पहले 27 जून 2020 को भी तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। वहीं पिछले वर्ष जून महीने का सबसे अधिक तापमान 16 जून को 42.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
बारिश के मामले में भी जून का महीना काफी महत्वपूर्ण रहता है। प्री-मानसून और मानसून की शुरुआती गतिविधियों के कारण दिल्ली में जून के दौरान औसतन 80.6 मिमी बारिश होती है। हालांकि वर्षा में काफी असमानता देखने को मिलती है। पिछले वर्ष सफदरजंग वेधशाला में पूरे महीने 186.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि उससे पहले वाले वर्ष जून लगभग सूखा रहा और केवल 0.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई थी।
सक्रिय मौसम प्रणालियां बदलेंगी दिल्ली का मौसम
वर्तमान में मध्य पाकिस्तान और उससे सटे क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के मध्य प्रदेश क्षेत्र पर भी एक कमजोर चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन दोनों प्रणालियों को जोड़ने वाली एक ट्रफ रेखा दिल्ली के नजदीक से गुजर रही है।
इसी बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ कल यानी 3 जून से पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय होने जा रहा है। यह पश्चिमी विक्षोभ पहले से मौजूद मौसम प्रणालियों को और मजबूत करेगा। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में मौसम की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। आज तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है और पूर्वी दिशा से चलने वाली हवाओं के कारण वातावरण में नमी भी बढ़ेगी, जिससे उमस महसूस हो सकती है।
3 से 6 जून के बीच बारिश, आँधी और तेज हवाओं का दौर
दिल्ली और एनसीआर में 3 जून से 6 जून के बीच बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियों की संभावना है। इनमें 4 और 5 जून को मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
इसके अलावा धूलभरी आँधी चलने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। कुछ स्थानों पर हवाओं की गति काफी तेज हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इन मौसमीय गतिविधियों के कारण पूरे सप्ताह दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहने की संभावना है। इसलिए फिलहाल दिल्ली-एनसीआर वासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार बने हुए हैं।
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