मुंबई में प्री-मानसून बारिश का इंतजार लंबा, उमस और गर्मी बढ़ाएगी परेशानी, जानें पूरा मौसम का हाल
मुख्य मौसम बिंदु
- मुंबई में अब तक केवल एक हल्की प्री-मानसून बारिश दर्ज हुई है।
- अरब सागर का चक्रवाती परिसंचरण बारिश की गतिविधियों को उत्तर की ओर बढ़ने से रोक रहा है।
- अगले कुछ दिनों तक तापमान 35°C के आसपास और आर्द्रता 60% से अधिक रह सकती है।
- मानसून की प्रगति धीमी रहने के संकेत हैं, जिससे उमस भरा मौसम जारी रहेगा।
मुंबई में सामान्य प्री-मानसून बारिश का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। इस साल अब तक शहर में केवल एक बार प्री-मानसून गतिविधि देखने को मिली, जब 31 मई 2026 की सुबह तड़के हल्की बारिश हुई। इस दौरान सांताक्रूज स्थित मौसम वेधशाला में 9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हालांकि दक्षिण मुंबई के कोलाबा वेधशाला क्षेत्र में यह बारिश नहीं पहुँच सकी। आमतौर पर मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन से पहले अच्छी प्री-मानसून बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं देखने को मिलती हैं। शहर में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 11 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार प्री-मानसून गतिविधियाँ उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पा रही हैं।
अरब सागर का मौसम तंत्र बन रहा बाधा
अरब सागर में बना एक मौसमीय सिस्टम फिलहाल मुंबई और कोंकण क्षेत्र में प्री-मानसून बारिश की राह में बाधा बन रहा है। दक्षिण-पूर्व अरब सागर, केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इस सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियाँ उत्तर की ओर बढ़ नहीं पा रही हैं। वर्तमान में प्री-मानसून बारिश मुख्य रूप से केरल के तटीय इलाकों तक सीमित है। अधिकतम यह गतिविधियाँ तटीय कर्नाटक तक पहुंच सकती हैं, लेकिन गोवा से आगे बढ़ने की संभावना फिलहाल कम है। ऐसे में इस सप्ताहांत तक मुंबई सहित पूरे कोंकण क्षेत्र में यदि बारिश होती भी है तो वह बहुत हल्की और छिटपुट रहने की संभावना है।
बढ़ती उमस और गर्मी से बढ़ेगी बेचैनी
मुंबई में दिनभर समुद्र से आने वाली अत्यधिक नम पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक दिन का अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस (एक डिग्री ऊपर या नीचे) के आसपास रहने की संभावना है। तटीय शहरों के लिए हीटवेव का मानक 37 डिग्री सेल्सियस माना जाता है और मुंबई का तापमान इस स्तर से बहुत दूर नहीं है। हालांकि जून महीने में मुंबई में हीटवेव की घटनाएं बहुत कम देखने को मिलती हैं। वर्ष 2014 और 2023 ऐसे कुछ अपवाद रहे हैं जब जून में हीटवेव जैसी स्थिति बनी थी। ऊंचे तापमान और 60 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता के मेल से शहर में अत्यधिक उमस भरी और असहज मौसम परिस्थितियां बनी रहेंगी।
मानसून आगमन को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं
मुंबई में मानसून कब पहुंचेगा, इसे लेकर फिलहाल स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून केरल में प्रवेश करने के बाद ही मुंबई के लिए संभावित तिथि का बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लगता है कि मानसून की प्रगति इस बार धीमी रह सकती है। यानी केरल में मानसून के प्रवेश के बाद भी इसकी उत्तर दिशा में बढ़ने की रफ्तार सुस्त रहने के आसार हैं। इसके चलते मुंबई में प्री-मानसून की उमस भरी और चिपचिपी मौसम स्थितियाँ सामान्य से कुछ अधिक समय तक बनी रह सकती हैं। शहरवासियों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी- उमस का सामना करना पड़ सकता है।
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