दिल्ली-NCR में पूरे सप्ताह बारिश-गरज के आसार, वीकेंड पर तेज बरसात की संभावना

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 1, 2026, 2:15 PM
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दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • अगस्त 2026 में दिल्ली में 354.1 मिमी बारिश हुई, जो 2013 के बाद तीसरी सबसे ज्यादा है।
  • जून-सितंबर की 640.4 मिमी सामान्य मौसमी बारिश का आंकड़ा पहले ही पार हो गया है।
  • 2–3 सितंबर की देर शाम और रात में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक संभव।
  • 4–6 सितंबर को बारिश की तीव्रता और फैलाव बढ़ने की संभावना
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 2–9 सितंबर तक मान्य है, जबकि 9 सितंबर के बाद मौसम में सुधार की संभावना है।

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अगस्त 2026 दिल्ली के लिए साल 2013 के बाद तीसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला अगस्त रहा। सफदरजंग स्थित बेस स्टेशन पर पूरे महीने 354.1 मिमी बारिश दर्ज हुई। इससे पहले अगस्त 2024 में 390.6 मिमी और अगस्त 2025 में 400.1 मिमी बारिश हुई थी, जो इस अवधि में सबसे ज्यादा रही। वहीं बीच के वर्षों में अगस्त की बारिश 300 मिमी से कम रही। 2022 और 2023 सबसे कम बारिश वाले साल रहे, जब सफदरजंग में क्रमशः 41.6 मिमी और 91.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अगस्त 2026 में सामान्य से 50% से अधिक ज्यादा बारिश हुई। इतना ही नहीं, दिल्ली जून से सितंबर के पूरे मानसूनी सीजन की 640.4 मिमी सामान्य बारिश का आंकड़ा भी पहले ही पार कर चुकी है।

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सितंबर में सामान्य बारिश 128 मिमी, पहले पखवाड़े में ज्यादा गतिविधि

सितंबर में दिल्ली की सामान्य बारिश 128 मिमी होती है। अगस्त की तरह सितंबर में भी 2024 और 2025 के दौरान दिल्ली के बेस स्टेशन ने सामान्य लक्ष्य को पार किया था। आमतौर पर सितंबर के तीसरे सप्ताह के बाद मानसून की वापसी शुरू हो जाती है, इसलिए महीने की ज्यादातर बारिश पहले पखवाड़े में ही होती है। पिछले साल यानी 2025 में मानसून 24 सितंबर को दिल्ली से विदा हुआ था, जो इसकी सामान्य वापसी की तारीख 25 सितंबर से एक दिन पहले था। इस बार भी आने वाले दिनों में दिल्ली में मानसून अलग-अलग रूप में सक्रिय रहेगा और हल्की, मध्यम से लेकर भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र तय करेंगे दिल्ली का मौसम

इस समय दिल्ली में बारिश कराने वाला सबसे प्रमुख सिस्टम मानसून ट्रफ है। पहाड़ी इलाकों में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी राज्यों के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र इस बात को प्रभावित करेंगे कि मानसून ट्रफ दिल्ली के कितने करीब रहती है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह पूर्व-पश्चिम दिशा में बनी मौसम प्रणाली इस सप्ताह दिल्ली-NCR के आसपास बनी रह सकती है और अगले सप्ताह की शुरुआत तक भी इसका असर जारी रह सकता है। यही स्थिति दिल्ली में बारिश की गतिविधियों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

4–6 सितंबर को बढ़ेगी बारिश, 9 सितंबर के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद

आज और कल यानी 2 और 3 सितंबर को दिल्ली में मुख्य रूप से देर शाम और रात के समय हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं। इसके बाद 4 से 6 सितंबर के बीच बारिश की तीव्रता और क्षेत्रीय फैलाव बढ़ने की संभावना है। इसका बचा हुआ असर 7 सितंबर को भी देखने को मिल सकता है। मौसम में व्यापक सुधार और बारिश से राहत 9 सितंबर या उसके बाद मिलने की उम्मीद है। आज दिल्ली का दिन का तापमान करीब 36°C तक पहुंच सकता है, लेकिन बाकी दिनों में अधिकतम तापमान 33°C (+/-1°C) के आसपास सीमित रहने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

अगस्त 2026 में दिल्ली के सफदरजंग बेस स्टेशन पर 354.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो 2013 के बाद तीसरी सबसे ज्यादा अगस्त की बारिश है।

2 और 3 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 4 से 6 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां ज्यादा बढ़ने की संभावना है।

7 सितंबर तक बारिश का असर रह सकता है। 9 सितंबर या उसके बाद दिल्ली में मौसम में सुधार होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है