दिल्ली-NCR में अगले 4 दिन प्री-मानसून आँधी और बारिश, फिर 40°C के पार पहुंचेगा पारा, मानसून अभी दूर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 15, 2026, 12:36 PM
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दिल्ली मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • 15 से 18 जून तक दिल्ली-एनसीआर में प्री-मानसून गतिविधियाँ जारी।
  • 17 और 18 जून को गरज-चमक और बारिश की संभावना अधिक है।
  • 19 जून के बाद मौसम साफ होगा और तापमान 40°C के पार जा सकता है।
  • दिल्ली में मानसून की सामान्य तिथि 27 जून है, फिलहाल मानसून अभी दूर है।

दिल्ली-एनसीआर में बीता वीकेंड शुष्क रहा था, हालांकि रविवार 14 जून की सुबह कुछ इलाकों में बहुत हल्की बारिश हुई थी। गौरतलब है दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग और लोधी रोड पर बारिश नहीं हुई, जबकि पालम में केवल 1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। पिछले चार दिनों से दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। 15 से 18 जून 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में छिटपुट प्री-मानसून गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं। इसके बाद तापमान धीर-धीरे बढ़ने की संभावना है। 17 जून तक पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और सप्ताह के बाकी दिनों में 40 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर बना रह सकता है।

मौसम प्रणालियाँ बना रही हैं बारिश के हालात

वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडलीय स्तरों पर पहाड़ी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। ऊपरी वायुमंडलीय स्तर (Upper Air Levels) से मतलब पृथ्वी की सतह से कुछ किलोमीटर ऊपर वायुमंडल की उन परतों से है, जहां मौसम प्रणालियों जैसे चक्रवाती परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ, जेट स्ट्रीम आदि का अध्ययन किया जाता है।

मौसम विज्ञान में वायुमंडल को अलग-अलग ऊंचाइयों पर बांटकर देखा जाता है, जैसे:

• निचला स्तर (Lower Levels): सतह से लगभग 1.5 किमी तक

• मध्य स्तर (Middle Levels): लगभग 1.5 से 5 किमी तक

• ऊपरी स्तर (Upper Levels): लगभग 5 किमी से ऊपर

जब मौसम रिपोर्ट में लिखा जाता है कि "एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडलीय स्तरों पर सक्रिय है", तो इसका मतलब है कि यह प्रणाली जमीन पर नहीं बल्कि कई किलोमीटर ऊंचाई पर मौजूद है और वहीं से मौसम को प्रभावित कर रही है।

इसके अलावा मध्य पाकिस्तान और उत्तर राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी प्रणाली से एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा निकल रही है, जो दिल्ली के उत्तर से होकर गुजर रही है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर की हवाओं का पैटर्न भी अस्थिर बना हुआ है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली और उसके उपनगरों में अगले चार दिनों तक छिटपुट गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है। हालांकि यह बारिश भारी नहीं होगी और सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं पहुंचेगी।

17 और 18 जून को बढ़ सकती है बारिश, मानसून अभी दूर

सोमवार यानी 15 जून की सुबह दिल्ली के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक देखने को मिली, लेकिन अब मौसम साफ हो गया है। दिन में धूप निकलने के कारण तापमान 38 डिग्री सेल्सियस (±1°C) तक पहुंच सकता है। देर रात से लेकर सुबह तक फिर से बादल, तेज हवाएं, गर्जना और हल्की बारिश की गतिविधियाँ विकसित हो सकती हैं। यही क्रम अगले चार दिनों तक बना रहेगा। खासकर 17 और 18 जून को प्री-मानसून गतिविधियों का दायरा और तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। 19 जून के बाद मौसम साफ होने लगेगा, सतही हवाएं तेज होंगी और तापमान तेजी से बढ़ेगा। गौरतलब है कि दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 27 जून मानी जाती है और वर्तमान में मानसून इससे काफी दूर है। ऐसे में अगले कुछ दिनों की आँधी-बारिश बढ़ती गर्मी से केवल अस्थायी राहत देंगी, जबकि वास्तविक और बड़ी राहत मानसून की अच्छी बारिश से ही मिलेगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

हां, 15 से 18 जून के बीच छिटपुट बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।

अनुमान है कि 17 जून के आसपास तापमान 40°C तक पहुंच जाएगा और उसके बाद इसी स्तर पर बना रह सकता है।

दिल्ली में मानसून की सामान्य आगमन तिथि 27 जून मानी जाती है और फिलहाल मानसून अभी दिल्ली से काफी दूर है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है