मानसून की विदाई पर लगा ब्रेक, अक्टूबर के पहले सप्ताह में फिर शुरू होगी वापसी
मुख्य मौसम बिंदु
- मानसून पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों और गुजरात व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से लौट चुका है।
- अगले 4 दिनों में ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।
- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में भी सितंबर के अंत में छिटपुट बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
- डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून की आगे की वापसी फिलहाल रुक सकती है। 2 अक्टूबर के आसपास इसके फिर शुरू होने की संभावना है।
- पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान अगले 4 दिनों की बारिश और अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून की वापसी की स्थिति के लिए है। मौसम प्रणालियों की दिशा या तीव्रता में बदलाव होने पर पूर्वानुमान संशोधित हो सकता है।
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दक्षिण-पश्चिम मानसून पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों, गुजरात के कुछ हिस्सों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से वापस लौट चुका है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी इस बार सामान्य समय से दो दिन देर से शुरू हुई, जबकि दिल्ली से इसकी विदाई सामान्य समय से करीब दो दिन पहले हो गई है। हालांकि, मानसून की वापसी के बावजूद सितंबर के आखिरी दिनों में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक वाली बौछारें हो सकती हैं। इसकी बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी से बना डिप्रेशन है, जो मध्य और पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके कारण मानसून की आगे की वापसी फिलहाल करीब एक सप्ताह तक रुक सकती है। सामान्य तौर पर सितंबर के अंत तक मानसून सौराष्ट्र-कच्छ, उत्तर गुजरात, पूरे राजस्थान, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के सभी पहाड़ी राज्यों से वापस लौट जाता है। इस बार पहाड़ी इलाकों के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हो सकती है, लेकिन मैदानी इलाकों से इसकी आगे की वापसी फिलहाल रुकने की संभावना है। अक्टूबर की शुरुआत में मानसून की वापसी फिर से शुरू हो सकती है।
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बंगाल की खाड़ी का सिस्टम मध्य और उत्तर भारत में बढ़ाएगा बारिश
बंगाल की खाड़ी से बना डिप्रेशन आंध्र प्रदेश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच चुका है। अब यह कमजोर होते हुए छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से आगे बढ़ेगा। इसके बाद सिस्टम के अवशेष उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों की ओर पहुंचेंगे। इसके प्रभाव से अगले चार दिनों तक ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, सभी जगह एक साथ बारिश नहीं होगी और अलग-अलग समय पर बारिश का जोर बदलता रहेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के आसपास के इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद भारी बारिश का क्षेत्र उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तलहटी तक पहुंच सकता है। वहीं पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के मैदानी इलाकों में भी कुछ-कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
2 अक्टूबर के बाद फिर तेज होगी मानसून की विदाई
डिप्रेशन और उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरने वाले पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव के कारण मानसून की आगे की वापसी फिलहाल रुकने की संभावना है। 2 अक्टूबर के आसपास और इसके बाद पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के आसपास उत्तरी मैदानी इलाकों में एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। इसके बनने के बाद मानसून की वापसी फिर से शुरू हो सकती है और अगले करीब एक सप्ताह के दौरान इसकी रफ्तार तेज हो सकती है। इस तरह मानसून की वापसी अक्टूबर के शुरुआती दिनों में दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद है। मध्य और पूर्वी भारत से मानसून की पूरी तरह विदाई 10 अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।
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