चेन्नई में बढ़ेगी मानसूनी बारिश, उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक जल्द, जानें पूरा मौसम पूर्वानुमान

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Oct 13, 2026, 6:00 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

चेन्नई मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

चेन्नई में अक्टूबर और नवंबर साल के सबसे अधिक बारिश वाले महीने होते हैं। यहां अक्टूबर में औसतन करीब 300 मिमी और नवंबर में लगभग 374 मिमी बारिश होती है। इस महीने अब तक नुंगमबक्कम स्थित क्षेत्रीय मौसम वेधशाला में कोई बारिश दर्ज नहीं हुई है। वहीं, मीनांबक्कम हवाई अड्डे की मौसम वेधशाला में 5 अक्टूबर को हल्की बारिश हुई थी, जिससे कुल 5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अब चेन्नई में जल्द ही मानसूनी बारिश का करीब एक सप्ताह लंबा दौर शुरू होने की संभावना है।

Advertisement

15 अक्टूबर के आसपास उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के करीब 15 अक्टूबर को दस्तक देने की संभावना है। आमतौर पर इसकी शुरुआत तमिलनाडु के तटीय इलाकों में बारिश के साथ होती है, जिसमें चेन्नई प्रमुख स्थान है। इसके बाद बारिश तेजी से राज्य के अंदरूनी हिस्सों तक फैल जाती है और केरल तथा आंध्र प्रदेश की सीमाओं के आसपास तक पहुंच सकती है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान तमिलनाडु में पर्याप्त बारिश नहीं हुई और राज्य में सामान्य से करीब 20% बारिश की कमी रह गई। ऐसे में अक्टूबर से दिसंबर तक चलने वाला उत्तर-पूर्वी मानसून इस कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में मौसमी सिस्टम सक्रिय

उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत के लिए मुख्य मौसमी सिस्टम दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण है। यह तमिलनाडु के तट के नजदीक स्थित है। इस सिस्टम से जुड़ी एक स्पष्ट उत्तर-दक्षिण दिशा वाली ट्रफ रेखा भी बनी हुई है। यह ट्रफ तमिलनाडु के समुद्र तट से कुछ दूरी पर रहते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके 14 अक्टूबर को पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए तट के आसपास से गुजरने की संभावना है। इसके अगले दिन यानी 15 अक्टूबर को यह तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों की ओर बढ़ सकती है और तमिलनाडु तथा केरल की सीमा के आसपास से गुजरेगी। इन मौसमी प्रणालियों के कारण तमिलनाडु के तटीय और अंदरूनी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

14 से 21 अक्टूबर तक तेज हवाओं के साथ बारिश

उत्तर-पूर्वी मानसून की औपचारिक शुरुआत से पहले 13 अक्टूबर की देर रात से चेन्नई समेत तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हल्की बारिश शुरू होने की संभावना है। 14 अक्टूबर को बादल अधिक घने हो सकते हैं और बारिश का शुरुआती दौर शुरू हो सकता है। इसके बाद अगले 48 घंटों के दौरान बारिश की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है। राज्य के अंदरूनी हिस्सों में भी बारिश के साथ बिजली चमकने, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। 14 से 21 अक्टूबर 2026 के बीच पूरे सप्ताह मौसम की इन गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। इस दौरान तेज बारिश और अन्य मौसमी गतिविधियां मुख्य रूप से रात और सुबह के शुरुआती घंटों में होने की संभावना है। सुबह के बाद और दोपहर के समय बारिश अपेक्षाकृत हल्की तथा थोड़े समय के लिए हो सकती है। गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं से खतरा हो सकता है। इसलिए लोगों को खराब मौसम में खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए और सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए। यह भी पढ़ें: दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की जल्द दस्तक, तमिलनाडु से केरल तक बरसेंगे बादल,7 दिन तक बारिश के आसार

author image
AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

चेन्नई समेत तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून करीब 15 अक्टूबर 2026 को दस्तक दे सकता है। इससे पहले 13 अक्टूबर की देर रात से हल्की बारिश शुरू होने की संभावना है।

पूर्वानुमान के अनुसार, 14 से 21 अक्टूबर 2026 के बीच तमिलनाडु में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। अगले 48 घंटों के दौरान बारिश की तीव्रता बढ़ने के आसार हैं।

दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान तमिलनाडु में करीब 20% बारिश की कमी रही। अक्टूबर से दिसंबर तक चलने वाला उत्तर-पूर्वी मानसून इस कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है, हालांकि वास्तविक बारिश की मात्रा आगे की मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है