दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की जल्द दस्तक, तमिलनाडु से केरल तक बरसेंगे बादल,7 दिन तक बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Oct 13, 2026, 1:37 PM
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उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत

मुख्य मौसम बिंदु

  • दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के समय पर दस्तक देने के लिए परिस्थितियां अनुकूल।
  • तमिलनाडु के सहित दक्षिण भारत में बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ेगी।
  • 17 अक्टूबर से तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा के आसार हैं।
  • अंडमान सागर में कम दबाव और मन्नार की खाड़ी के पास चक्रवाती परिसंचरण से बारिश बढ़ेगी।
  • पूर्वानुमान की वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान अगले सप्ताह के मध्य के बाद तक मान्य है यह अवधि मौसमी परिस्थितियों में बदलाव के अधीन है।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून (Northeast Monsoon) की शुरुआत के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। हवाओं का रुख भी इसके अनुकूल बन रहा है। ऐसे में उत्तर-पूर्वी मानसून समय पर दस्तक दे सकता है और शुरुआत से ही अच्छी बारिश होने की संभावना है। शुरुआती बारिश का दौर लंबा और तेज हो सकता है, जिससे मानसून की कमजोर शुरुआत होने की आशंका दूर हो सकती है। इससे पहले कुछ वर्षों में उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी और उत्तर-पूर्वी मानसून का आगमन लगभग एक साथ हो सकता है। पिछले दो वर्षों में भी ऐसा ही देखने को मिला था। वर्ष 2024 में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी और उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत 15 अक्टूबर को, जबकि 2025 में ये बदलाव 16 अक्टूबर को एक साथ हुए थे। इस बार भी दोनों मौसमी प्रक्रियाओं के आसपास-आसपास होने की संभावना है।

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दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

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अंडमान सागर और मन्नार की खाड़ी में मौसमी सिस्टम सक्रिय

उत्तर-पूर्वी मानसून की जल्द शुरुआत और बारिश की गतिविधियां तेज होने के पीछे दो प्रमुख मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। पहला, अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसे ऊपरी वायुमंडल में मौजूद एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण का समर्थन मिल रहा है। दूसरा, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह सिस्टम दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के नजदीक स्थित है। इन दोनों मौसमी सिस्टम के कारण दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस बार मजबूत El Niño की स्थिति के बीच उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत और आगे का प्रदर्शन खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा। El Niño का असर आमतौर पर मानसूनी वर्षा के पैटर्न पर पड़ सकता है, लेकिन पिछले वर्षों के रिकॉर्ड में El Niño के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसलिए इस बार भी इसकी बारिश पर नजर रहेगी।

पूर्वोत्तर मानसून 2026

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तमिलनाडु-केरल-कर्नाटक-आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा के आसार

दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में 14 अक्टूबर से ही हल्की मौसमी गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। 15 अक्टूबर से पहले, यानी 14 अक्टूबर को, तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों में भी शुरुआती बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 15 अक्टूबर से बारिश का दायरा और तीव्रता काफी बढ़ सकती है। शुरुआत में यह गतिविधियां 15° उत्तरी अक्षांश के दक्षिण में स्थित पूरे दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत को कवर कर सकती हैं। 17 अक्टूबर से बारिश का प्रभाव 20° उत्तरी अक्षांश तक फैलने की संभावना है। इसके बाद अगले सप्ताह के मध्य के बाद तक बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान दक्षिण भारत के आंतरिक इलाकों में भारी बारिश होने के आसार हैं। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में वर्षा हो सकती है। उत्तर-पूर्वी मानसून के दायरे में आने वाले सभी पांच मौसम उपखंडों में मानसून के शुरुआती सप्ताह के दौरान अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत समय पर होने के आसार हैं। 14 अक्टूबर से तटीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और 15 अक्टूबर से वर्षा गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बारिश बढ़ने की संभावना है। 17 अक्टूबर से बारिश का दायरा और विस्तृत हो सकता है तथा दक्षिण भारत के आंतरिक इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है।

मजबूत El Niño के बीच उत्तर-पूर्वी मानसून का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा। हालांकि, पिछले रिकॉर्ड में El Niño के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश अच्छी रही है। इस बार बारिश का वास्तविक प्रदर्शन सक्रिय मौसमी सिस्टम और आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है