उत्तर-पूर्वी अरब सागर पहुंचा निम्न दबाव क्षेत्र, गुजरात में हल्की बारिश के आसार, जानें पूरा मौसम पूर्वानुमान

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 16, 2026, 1:15 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से आगे बढ़कर निम्न दबाव उत्तर-पूर्वी अरब सागर में पहुँचा।
  • अगले 24 घंटों में ठंडे समुद्री पानी के कारण सिस्टम के कमजोर होने की संभावना।
  • सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश की तीव्रता घटेगी, लेकिन अगले दो दिनों तक हल्की बारिश।
  • कच्छ के नलिया में 30 मिमी और द्वारका में 29 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 16 सितंबर 2026 की मौसम परिस्थितियों पर आधारित है; सिस्टम की दिशा और समुद्री परिस्थितियों में बदलाव होने पर इसमें संशोधन संभव है।

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दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे दक्षिणी पाकिस्तान पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब और पश्चिम की ओर बढ़ गया है। यह सिस्टम उत्तर-पूर्वी अरब सागर में, कच्छ की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से के सामने स्थित है। इसका केंद्र करीब 22.6°N और 66.8°E पर है, जो अरब सागर में ओखा के लगभग पश्चिम में है। अब यह सिस्टम उत्तर अरब सागर की ओर और आगे बढ़ने की संभावना है तथा मकरान तट से सुरक्षित दूरी बनाए रखेगा। जैसे-जैसे यह सिस्टम ठंडे समुद्री पानी के क्षेत्र में पहुंचेगा, अगले 24 घंटों के दौरान इसके कमजोर होने की संभावना है।

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सौराष्ट्र-कच्छ में बारिश कम होगी

इस सिस्टम के प्रभाव से सौराष्ट्र और कच्छ के सबसे पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हुई। कच्छ के नलिया में 30 मिमी और सौराष्ट्र के द्वारका में 29 मिमी बारिश दर्ज की गई। क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी हल्की बारिश हुई। अब गुजरात के तटीय इलाकों तथा कोरी क्रीक के आसपास के क्षेत्रों, जैसे नलिया, पुनराजपुर और लखपत में बारिश की तीव्रता और कम होने की संभावना है। हालांकि, सिस्टम की निकटता और इसके बचे हुए प्रभावों के कारण अगले दो दिनों तक हल्की बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्रों में निचले स्तर की हवाएं भी थोड़ी तेज रह सकती हैं।

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ठंडे पानी के कारण कमजोर होगा सिस्टम, मानसून वापसी करीब

सिस्टम के केंद्र से पश्चिम की ओर समुद्र की सतह का तापमान लगातार कम हो रहा है। समुद्र की सतह के तापमान में केवल 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी इस निम्न दबाव क्षेत्र को और कमजोर करने के लिए पर्याप्त होगी। सामान्य तौर पर उत्तर अरब सागर का पानी अरब सागर के दूसरे हिस्सों की तुलना में ठंडा रहता है और मौसम प्रणालियां इस क्षेत्र में लंबे समय तक कायम नहीं रह पातीं। इसलिए यह निम्न दबाव क्षेत्र भी समुद्र के ऊपर ही धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा। इस बीच, मानसून की वापसी का समय भी करीब आ रहा है। कच्छ के सबसे पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों से मानसून की वापसी लगभग 20 सितंबर के आसपास शुरू होती है और 25 सितंबर तक कच्छ से मानसून की वापसी पूरी हो जाती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

निम्न दबाव क्षेत्र अब उत्तर-पूर्वी अरब सागर में, कच्छ की खाड़ी के पश्चिम में स्थित है और ओखा के लगभग पश्चिम में है।

बारिश की तीव्रता कम होगी। हालांकि, सिस्टम के अवशेषों के प्रभाव से अगले दो दिनों तक कच्छ और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

कच्छ के सबसे पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी लगभग 20 सितंबर के आसपास शुरू होती है और 25 सितंबर तक कच्छ से वापसी पूरी हो जाती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है