दिल्ली एयरपोर्ट पर चली 120 किमी/घंटा की तूफानी हवा, अगले 7 दिन धूल भरी आँधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 10, 2026, 12:36 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

दिल्ली-एनसीआर में आँधी-तूफान, फोटो:AI-Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • पालम एयरपोर्ट पर 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी आँधी चली।
  • 11 से 13 जून के बीच दिल्ली-NCR में मौसम गतिविधियाँ और बढ़ेंगी।
  • पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के प्रभाव से आँधी-बारिश की संभावना।
  • 12 जून से भीषण गर्मी कम होगी और तापमान में गिरावट आएगी।

दिल्ली और आसपास के इलाकों में मंगलवार को मौसम ने दो बार करवट ली। पहली बार देर शाम तेज आँधी और धूलभरी हवाओं ने दस्तक दी, जबकि दूसरी बार देर रात गरज-चमक के साथ बारिश हुई। इस दौरान पालम हवाई अड्डे पर धूलभरी आँधी के साथ हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जो बेहद तेज मानी जाती है। इसके बाद बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हुआ। खराब मौसम के कारण दिल्ली आने वाली कई उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। आधी रात के बाद मौसम में सुधार होने पर उड़ान संचालन सामान्य हो सका। पालम क्षेत्र में मौसम का असर सबसे अधिक रहा, जबकि सफदरजंग और लोधी रोड क्षेत्रों में स्थिति बेहतर रही। वहीं, NCR के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

आँधी से पहले भीषण गर्मी, जून का सबसे गर्म दिन रहा

मौसम बदलने से पहले दिल्ली भीषण गर्मी की चपेट में रही। दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस महीने जून का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। वहीं लोधी रोड में 44 डिग्री और रिज क्षेत्र में 44.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। गर्म हवाओं और तीखी धूप के कारण दिनभर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ले ली।

कई मौसमी सिस्टम सक्रिय, दिल्ली के आसपास बने अनुकूल हालात

उत्तर राजस्थान, दक्षिण पंजाब और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा एक चक्रवाती परिसंचरण पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दूसरा पूर्वी उत्तर प्रदेश पर स्थित है। इन तीनों सिस्टमों को जोड़ने वाली एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा दिल्ली के उत्तर से गुजर रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह ट्रफ 11 से 13 जून के बीच दक्षिण की ओर खिसककर दिल्ली के नजदीक पहुंच जाएगी। इसी दौरान एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में प्रवेश करेगा। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में तेज आँधी, धूलभरी हवाएं, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियाँ बढ़ने की संभावना है।

13 जून तक आँधी-बारिश का सिलसिला

आज भी देर शाम या रात के समय दिल्ली-एनसीआऱ में हल्की गरज-चमक और आँधी की संभावना है, हालांकि इसकी तीव्रता कल की तुलना में कम रहने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार किसी बड़े तूफान के बाद वातावरण में मौजूद अस्थिरता काफी हद तक समाप्त हो जाती है, इसलिए अगले दिन गतिविधियाँ कमजोर रहती हैं। 11 से 13 जून के बीच मौसम गतिविधियों की तीव्रता और दायरा दोनों बढ़ेंगे। इस दौरान ऊंचे बादल बनने के साथ धूलभरी आँधी-तेज हवाएं चलेंगी और बिजली चमकेगी। वहीं, तेज बारिश के छोटे-छोटे दौर देखने को मिलेंगे। अभी हो रही भीषण गर्मी से 14 जून को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन 15 से 18 जून के बीच फिर से धूलभरी आँधी और गरज-चमक वाले मौसम की संभावना बन रही है। दिल्ली में आज तापमान आज करीब 42 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, कल 11 जून को घटकर लगभग 40 डिग्री तक पहुंच जाएगा। इसके बाद अगले 4 से 5 दिनों तक अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। 12 जून से दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी की स्थिति समाप्त होने की संभावना है।

author image
AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पालम हवाई अड्डे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा दर्ज की गई।

11 जून से 13 जून के बीच आँधी, तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियाँ सबसे अधिक रहने की संभावना है।

12 जून से तापमान में गिरावट शुरू होगी और लू जैसी परिस्थितियाँ कमजोर पड़ जाएंगी।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है