मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री फिर टली, 15 जून के आसपास दस्तक की संभावना, कोंकण तट पर बढ़ेगी बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- मानसून की उत्तरी सीमा रत्नागिरी जिले के हरनाई तक पहुंची।
- मुंबई में 11 जून तक मानसून पहुंचने की संभावना कम।
- 13 जून को अरब सागर में नया चक्रवाती परिसंचरण बन सकता है।
- 15 जून के आसपास मुंबई में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो सकती है।
मुंबई में मानसून की एंट्री फिर टली, 15 जून के आसपास दस्तक की संभावना; कोंकण तट पर बढ़ेगी बारिश
दक्षिण कोंकण में जोरदार बारिश, लेकिन मुंबई में मानसून की रफ्तार धीमी
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पश्चिमी तट पर तेज गति से आगे बढ़ते हुए अच्छी प्रगति की है। हालांकि केरल में मानसून की एंट्री थोड़ी देर से हुई थी, लेकिन इसके बावजूद यह सामान्य तिथि से एक दिन पहले कोंकण तट तक पहुंच गया। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा कोंकण तट के रत्नागिरी जिले के हरनाई कस्बे से होकर गुजर रही है। गोवा और कोंकण तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर में बने चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ी पूर्व-पश्चिम ट्रफ के प्रभाव से दक्षिण कोंकण में पिछले दो दिनों के दौरान भारी बारिश हुई। पिछले 48 घंटों में रत्नागिरी में 136 मिमी और हरनाई में 67 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अब यह मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ गया है, इसलिए अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियाँ मुख्य रूप से गोवा और तटीय कर्नाटक तक सीमित रहने की संभावना है। वहीं मुंबई सहित पूरे कोंकण क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक बहुत हल्की बारिश होने के आसार हैं।
मुंबई में सामान्य तिथि पर नहीं पहुंचेगा मानसून
पहले मुंबई में मानसून के आगमन की संभावित तिथि 10 जून थी, जिसे बाद में 11 जून कर दिया गया था। लेकिन अब यह स्पष्ट हो रहा है कि इस वर्ष मानसून अपनी सामान्य तिथि 11 जून तक मुंबई नहीं पहुंच पाएगा। जून महीने में अब तक मुंबई और उसके उपनगरों में बहुत कम बारिश हुई है। 1 से 10 जून के बीच सांताक्रूज में केवल 13.1 मिमी और कोलाबा में मात्र 5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जबकि जून महीने में मुंबई की सामान्य वर्षा 526.3 मिमी होती है। पिछले वर्ष 2025 में मानसून ने 26 मई को रिकॉर्ड सबसे जल्दी दस्तक दी थी और 9 जून तक पूरे मुंबई क्षेत्र में पहुंच गया था। वहीं वर्ष 2023 में मानसून लगभग दो सप्ताह की देरी से 25 जून को मुंबई पहुंचा था। इस बार मानसून अगले 4 से 5 दिनों तक दक्षिण कोंकण क्षेत्र में ही ठहरा रह सकता है और इसकी प्रगति धीमी रहने की संभावना है।
15 जून के आसपास मुंबई में मानसून की एंट्री संभव
मौसम मॉडलों के अनुसार 13 जून को गोवा और दक्षिण कोंकण तट के पास अरब सागर के निचले स्तरों में एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। यह सिस्टम 14 जून तक तट के और करीब आ जाएगा। इसके प्रभाव से 14 से 16 जून के बीच सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, रायगढ़, अलीबाग, मुंबई और पालघर सहित पूरे कोंकण तट पर बारिश की गतिविधियाँ बढ़ जाएंगी। दक्षिण कोंकण के देवगढ़, सिंधुदुर्ग, भाटये, रत्नागिरी, दाभोल और रायगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि अलीबाग, मुंबई, पालघर और दहानू में अत्यधिक भारी बारिश के आसार कम हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मुंबई में मानसून की आधिकारिक घोषणा 15 जून के आसपास (एक दिन आगे-पीछे) की जा सकती है। लेकिन इस बार मानसून की एंट्री पिछले वर्षों की तरह तेज और जोरदार बारिश के साथ नहीं होगी, बल्कि हल्की से मध्यम बारिश के बीच मानसून मुंबई में शांत तरीके से प्रवेश कर सकता है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली एयरपोर्ट पर चली 120 किमी/घंटा की तूफानी हवा, अगले 7 दिन धूल भरी आँधी-तूफान और बारिश का अलर्ट
यह भी पढ़ें: Monsoon Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी, जून के पहले सप्ताह में देशभर में 22% कम बारिश





