बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान, आज देर शाम लैंडफॉल; आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
मुख्य मौसम बिंदु
- बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन और मजबूत होकर चक्रवाती तूफान बन सकता है।
- उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के पास काकीनाडा-श्रीकाकुलम के बीच लैंडफॉल की संभावना है।
- 23–27 सितंबर के दौरान आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश।
- बिहार, झारखंड, पूर्वी यूपी और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश के आसार।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 30 सितंबर 2026 तक मान्य है; सिस्टम की दिशा और तीव्रता बदलने पर अपडेट संभव है।
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बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन कल शाम डीप डिप्रेशन में मजबूत हो गया। JTWC के अनुसार, यह सिस्टम अब और मजबूत होकर साइक्लोनिक स्टॉर्म बन चुका है और इसे TC01B नाम दिया गया है। CIMSS ने भी चक्रवात बनने की पुष्टि की है। सिस्टम का केंद्र लगभग 17.6°N और 84.9°E पर है, जो विशाखापत्तनम से करीब 160 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित है। हालांकि, राष्ट्रीय मौसम एजेंसी ने अभी इसे डीप डिप्रेशन ही बताया है। इसलिए आधिकारिक तौर पर इसे अभी नामित चक्रवात नहीं माना जा सकता। अगर सिस्टम और मजबूत होता है, तो इसका नाम ‘अरनब’ (Arnab) रखा जाएगा।
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तट की ओर धीरे-धीरे बढ़ेगा सिस्टम, भारी बारिश का खतरा
यह सिस्टम अब आंशिक रूप से अपने निचले स्तर के चक्रवाती केंद्र के साथ व्यवस्थित हो रहा है और इसे वातावरण से अनुकूल परिस्थितियां मिल रही हैं। इसके केंद्र के आसपास करीब 40 नॉट यानी 72 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल रही हैं। इसके बादलों का तापमान लगभग -80°C तक पहुंच गया है, जो सिस्टम में मजबूत संवहनीय गतिविधि को दिखाता है। समुद्र की सतह का तापमान 29–30°C है और वातावरण में पर्याप्त नमी मौजूद है। ये परिस्थितियां सिस्टम को तट पार करने तक मजबूत बनाए रखने में मदद करेंगी।

बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन बना डीप डिप्रेशन, सैटेलाइट इमेज
हालांकि, बढ़ता वर्टिकल विंड शीयर, जमीन के नजदीक आने से शुष्क हवा का मिलना और समुद्र के ऊपर कम समय मिलना इसकी तीव्रता को सीमित करेगा। सिस्टम को आगे बढ़ाने वाली हवाएं भी कमजोर हैं। इसलिए यह लगभग स्थिर रहते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश की ओर बहुत धीमी गति से बढ़ सकता है। JTWC के अनुसार, सिस्टम आज देर शाम तट पार कर सकता है। इसका लैंडफॉल काकीनाडा और श्रीकाकुलम के बीच, विजयनगरम के आसपास होने की संभावना है।

डीप डिप्रेशन, सैटेलाइट इमेज
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23 से 30 सितंबर तक कई राज्यों में भारी बारिश
तट पार करने के बाद सिस्टम थोड़ा कमजोर होगा, लेकिन अगले करीब चार दिनों तक इसी क्षेत्र के आसपास घूमता रह सकता है। उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे ओडिशा में लैंडफॉल के दौरान बहुत भारी बारिश और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। 23 से 27 सितंबर के बीच आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के आसपास भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

इस सिस्टम की पश्चिमी दिशा से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, जो नेपाल और बिहार की तलहटी से गुजर रहा है, के साथ परस्पर प्रभाव से एक और बारिश का क्षेत्र बन सकता है। इसके चलते बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी इस दौरान बहुत भारी बारिश हो सकती है। सिस्टम के अवशेष महीने के आखिरी दिनों में भी प्रभाव डाल सकते हैं और 28 से 30 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश जारी रह सकती है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण स्थानीय बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है। पेड़ गिरने और बिजली/ट्रांसमिशन लाइनों में खराबी के कारण संचार और यातायात सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।















