मानसून की वापसी जल्द फिर होगी शुरू, मध्य भारत से समय से पहले विदाई के संकेत

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 29, 2026, 4:55 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

मानसून की विदाई में आया ब्रेक जल्द खत्म होगा, सांकेतिक इमेज(AI-Generated))

मुख्य मौसम बिंदु

  • मानसून ने 19 सितंबर को देश के पश्चिमी सीमा वाले हिस्सों से वापसी शुरू की थी।
  • उत्तरी पंजाब और पश्चिमी हिस्सों में मानसून की वापसी फिलहाल रुकी हुई है।
  • 2-3 अक्टूबर से तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं और ऊपरी वायुमंडलीय बदलावों के कारण मानसून की वापसी तेज हो सकती है।
  • महाराष्ट्र, एमपी, यूपी और बिहार समेत मध्य व पूर्वी भारत के कई हिस्सों से मानसून समय से पहले विदा।
  • Forecast Validity: अगले 10 दिनों में, विशेषकर 2-3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2026 तक मानसून की वापसी और कम बारिश की स्थिति का पूर्वानुमान मान्य है।

Advertisement

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर को देश की सबसे पश्चिमी सीमा वाले इलाकों से वापसी शुरू की थी। यह सामान्य तारीख से करीब दो दिन देर से शुरू हुई थी। हालांकि, हरियाणा के कुछ हिस्सों और दिल्ली से मानसून की वापसी सामान्य समय से करीब दो दिन पहले हो गई। दिल्ली से मानसून 23 सितंबर को विदा हुआ, जबकि सामान्य रूप से इसकी वापसी 25 सितंबर के आसपास होती है।

Advertisement

इसके बाद मानसून की वापसी की प्रक्रिया में कुछ समय के लिए ब्रेक लग गया। 21 सितंबर के बाद उत्तरी पंजाब और 23 सितंबर के बाद पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी आगे नहीं बढ़ी। पिछली बार मानसून की वापसी आंशिक रूप से हुई थी, जिसमें कच्छ क्षेत्र से मानसून विदा हुआ और इसके बाद प्रक्रिया रुक गई। अब मौसम के मौजूदा बदलावों को देखते हुए मानसून की वापसी फिर से कभी भी शुरू हो सकती है।

2-3 अक्टूबर से बदलेंगे मौसम के संकेत, मानसून तेजी से सिमटेगा

अब देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में जमीन से आने वाली शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। निचले स्तर पर एक एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी हवा के चारों ओर घूमने वाली ऐसी व्यवस्था बन रही है, जो राजस्थान से आगे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैल रही है। इसके कारण मानसून के बाद चलने वाली तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं दिल्ली, हरियाणा, पूर्वोत्तर राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चलने लगेंगी। सिर्फ निचले स्तर पर ही नहीं, बल्कि करीब 20,000 फीट से ऊपर वायुमंडल के ऊपरी हिस्सों में भी बदलाव दिखाई दे रहे हैं।

करीब 30,000 फीट और उससे ऊपर ऊपरी वायुमंडलीय रिज बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनती हुई दिखाई दे रही है, जो पूर्वी और मध्य भारत के अंदरूनी हिस्सों तक फैल रही है। ये सभी बदलाव 2-3 अक्टूबर से और ज्यादा स्पष्ट होने की संभावना है। करीब 22° उत्तरी अक्षांश के आसपास ऊपरी वायुमंडल में पूर्व-पश्चिम दिशा में एक रिज भी बनने की संभावना है। इन परिस्थितियों से संकेत मिल रहे हैं कि मानसूनी हवाओं की दिशा तेजी से बदल सकती है और अगले एक सप्ताह में देश के बड़े हिस्से से मानसून की वापसी तेजी से हो सकती है।

12 अक्टूबर तक मानसून की पूरी विदाई संभव, बारिश भी कम रहेगी

फिलहाल मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है। आमतौर पर पूरे भारत से मानसून की वापसी करीब 15 अक्टूबर तक पूरी हो जाती है। हालांकि, हाल के वर्षों में जलवायु परिस्थितियों के कारण मानसून की पूरी विदाई सामान्य समय से आगे खिसकती रही है। पिछले दो वर्षों में मानसून 2025 में 16 अक्टूबर और 2024 में 15 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हुआ था। इससे पहले 2021 में 25 अक्टूबर और 2020 में 28 अक्टूबर को मानसून ने देश से पूरी तरह विदाई ली थी।

मानसून की वापसी को तब पूरा माना जाता है, जब वापसी की रेखा दक्षिणी प्रायद्वीप में करीब 15° उत्तरी अक्षांश तक पहुंच जाती है। इस बार पूर्वी और मध्य भारत के हिस्सों, जिनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार शामिल हैं, से मानसून समय से पहले विदा हो सकता है। 2026 में मानसून की पूरी वापसी 12 अक्टूबर के बाद जाने की संभावना नहीं है। अगले 10 दिनों में दक्षिणी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कुछ बेहद सीमावर्ती हिस्सों को छोड़कर देश में कोई बारिश होने की संभावना नहीं है।

author image
AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

मौजूदा मौसम परिस्थितियों के आधार पर मानसून की पूरी विदाई 12 अक्टूबर 2026 तक होने की संभावना है।

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों से मानसून समय से पहले विदा हो सकता है।

अगले 10 दिनों में दक्षिणी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश में महत्वपूर्ण बारिश की संभावना कम है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है