राजस्थान में बढ़ रही गर्मी,बाड़मेर में पारा 40.5°C के पार, 10 दिन बारिश के आसार नहीं
मुख्य मौसम बिंदु
- मानसून की विदाई के बाद राजस्थान में गर्म और शुष्क हवाओं से तापमान बढ़ रहा है।
- बाड़मेर में 40.5°C और जैसलमेर में 39.4°C अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
- पश्चिमी राजस्थान में मानसून के दौरान बारिश की कमी 30% रही।
- पूर्वी राजस्थान में अक्टूबर की बारिश की कमी 99% है।
- पूर्वानुमान की वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान अगले 10 दिनों के मान्य है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में तापमान कम होने और नवंबर में मौसम सुहावना होने की संभावना है।
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राजस्थान से मानसून की विदाई के बाद राज्य में गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है। आमतौर पर मानसून लौटने के बाद राजस्थान में तापमान बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियों के कारण मानसून की विदाई के बाद भी कुछ समय तक गर्मी से राहत मिली। इसका असर खासकर पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में देखने को मिला। हालांकि, अब तापमान फिर से बढ़ने लगा है। बीते दिन बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जैसलमेर में पारा 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फलोदी और जोधपुर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।
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साफ आसमान और शुष्क हवाओं से बढ़ेगा पारा
मानसून की वापसी के बाद तापमान में बढ़ोतरी होना सामान्य मौसमी प्रक्रिया है। आसमान साफ रहने से सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंचती हैं और दिन के समय गर्मी बढ़ जाती है। इसके अलावा, शुष्क और गर्म क्षेत्रों से आने वाली हवाएं तापमान में तेजी से बढ़ोतरी करती हैं। पाकिस्तान की ओर भी शुष्क परिस्थितियां बनी हुई हैं, जहां से अनुकूल दिशा में आने वाली हवाएं राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में गर्मी बढ़ा सकती हैं। हाल के दिनों में उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई थी और कुछ दिनों तक हल्की ठंडक महसूस हुई। लेकिन अब अगले एक सप्ताह तक उत्तर भारत के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के आने की संभावना नहीं है। 21–22 अक्टूबर के आसपास राजस्थान में कहीं-कहीं बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में राज्य, खासकर पश्चिमी राजस्थान में, तापमान बढ़ने के आसार हैं।
पूर्वी राजस्थान में अक्टूबर के दौरान बारिश की भारी कमी
दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान राजस्थान के दोनों मौसम उपखंडों, पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी राजस्थान में बारिश की कमी लगभग 30 प्रतिशत रही। वहीं, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में भी बारिश की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ, विशेषकर पूर्वी राजस्थान में। यहां अक्टूबर के दौरान अब तक लगभग बारिश नहीं हुई है और बारिश की कमी 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है। अगले करीब 10 दिनों तक भी राज्य में बारिश होने की संभावना नहीं है। लगातार शुष्क मौसम के कारण तापमान में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। इससे दिन के समय गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा, खासकर पश्चिमी राजस्थान के जिलों में।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से कम होगी गर्मी
अक्टूबर और नवंबर के दौरान पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर राजस्थान में ज्यादा प्रभावी नहीं होते हैं। इसलिए इस अवधि में बारिश की गतिविधियां बहुत कम, छिटपुट और थोड़े समय के लिए ही होती हैं। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में तापमान धीरे-धीरे नीचे आने की संभावना है और 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने वाली तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। नवंबर में राजस्थान का मौसम अधिक सुहावना हो जाता है, खासकर शाम और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगती है। हालांकि, सर्दियों की बारिश के लिए राज्य को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। यह बारिश रबी की फसलों के लिए महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बढ़ती है और फसलों को फायदा मिलता है।
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