दिल्ली-एनसीआर में बारिश पर ब्रेक! 10 सितंबर तक शुष्क मौसम, वीकेंड में फिर बरसेंगे बादल

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 8, 2026, 12:45 PM
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दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट, फोटो: AI-Skymet

मुख्य मौसम बिंदु

  • 10 सितंबर तक मौसम शुष्क और मानसून गतिविधि कमजोर रहने की संभावना।
  • सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.1°C, 11 सितंबर से तापमान में फिर गिरावट संभव।
  • 10 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है।
  • 11 सितंबर के बाद दिल्ली में अगले 4–5 दिनों तक रात में बारिश संभव।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानु्मान 11 सितंबर तक मान्य है।

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दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। आसमान में बादल नहीं होने और हवा में नमी कम होने के कारण दिन के तापमान में तेज बढ़ोतरी हुई। सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 34.1°C दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले करीब 5°C अधिक है। हालांकि, यह तापमान अभी भी सामान्य के आसपास है। फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं और 10 सितंबर, गुरुवार तक दिल्ली में मानसून की कोई महत्वपूर्ण गतिविधि होने की संभावना नहीं है। 1 से 8 सितंबर के बीच राजधानी में कुल 69.5 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सितंबर की औसत मासिक बारिश 128 मिमी है। सप्ताहांत के आसपास दिल्ली में फिर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

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उत्तर प्रदेश का कम दबाव कमजोर होगा, पूर्वी यूपी और बिहार में बारिश

उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब मध्य नेपाल की तलहटी के करीब पहुंच गया है। यह सिस्टम इसी क्षेत्र के आसपास कमजोर होकर खत्म होने की संभावना है। हालांकि, इसके बचे हुए प्रभाव के कारण अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में छिटपुट बारिश और बौछारें पड़ सकती हैं। इसका प्रभाव खास तौर पर नेपाल की तलहटी से सटे इलाकों में अधिक स्पष्ट रह सकता है। दूसरी ओर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मौसम गतिविधियां पूरी तरह बाहर निकल गई हैं। 6 और 7 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद अब यहां मौसम साफ होने लगा है। कम दबाव वाले क्षेत्र के आगे बढ़ने के साथ मानसून ट्रफ भी खिसक गई है, जिसके कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में फिलहाल मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है।

मानसून ट्रफ दिल्ली से दूर, इसलिए अभी बारिश की संभावना कम

मानसून के दौरान दिल्ली में बारिश कराने वाला सबसे महत्वपूर्ण मौसम सिस्टम मानसून ट्रफ होती है। यह ट्रफ मुख्य रूप से दो परिस्थितियों में सक्रिय होती है, पहली जब पहाड़ों के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है और दूसरी, जब भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में मानसूनी कम दबाव का क्षेत्र बनता है। इस समय दोनों ही सिस्टम दिल्ली के आसपास सक्रिय नहीं हैं। सतह के पास मानसून ट्रफ गंगानगर, रोहतक, डेहरी, बांकुड़ा और हल्दिया से होकर गुजर रही है और इसके बाद बंगाल की खाड़ी में पहुंच रही है। ऊपरी वायुमंडल में भी ट्रफ उत्तर की ओर खिसक गई है, यहां तक कि करीब 3,000 फीट की ऊंचाई पर भी इसकी स्थिति दिल्ली के उत्तर में है। इस समय ट्रफ का दिल्ली से पर्याप्त दूरी पर रहना राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अपेक्षाकृत साफ और शुष्क मौसम बनाए रखने में मदद कर रहा है।

10 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम

अब मौसम में अगला बड़ा बदलाव 10 सितंबर से दिखाई दे सकता है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम बनने के अगले ही दिन यानी 11 सितंबर को जमीन की ओर बढ़ना शुरू कर सकता है। इसके तेजी से और गहराई तक मैदानी इलाकों में पहुंचने से पूरे भारत-गंगा के मैदानी क्षेत्र में हवाओं का पैटर्न बदल सकता है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ भी 11 सितंबर से वापस दिल्ली के करीब आ सकती है और कुछ समय तक बनी रह सकती है। हालांकि दिल्ली इस सिस्टम के मुख्य प्रभाव वाले क्षेत्र में नहीं होगी और इसकी गतिविधि राजधानी के बाहरी हिस्से में रहेगी, फिर भी अगले 4–5 दिनों तक बारिश और बौछारों की संभावना बनी रहेगी। बारिश लगातार नहीं बल्कि छोटे-छोटे दौर में, खासकर दिन के बाद के हिस्से और रात के समय होने की संभावना है। 11 सितंबर से दिल्ली के दिन के तापमान में एक बार फिर गिरावट आ सकती है और अगले सप्ताह के मध्य तक मौसम सुहावना रहने की संभावना है। यह भी पढ़ें: बरेली में रिकॉर्डतोड़ बारिश से जलभराव, जानें किस दिन से होगा मौसम में सुधार

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

11 सितंबर से दिल्ली में बारिश और बौछारों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। यह बारिश अगले 4–5 दिनों तक रुक-रुककर हो सकती है।

10 सितंबर तक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। महत्वपूर्ण मानसूनी गतिविधि की उम्मीद नहीं है।

10 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव बनने की संभावना है। इसके 11 सितंबर से आगे बढ़ने पर मानसून ट्रफ दिल्ली के करीब आ सकती है, जिससे बारिश की संभावना बढ़ेगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है