पश्चिम बंगाल-ओडिशा पर बना निम्न दबाव, पूरे सप्ताह पूर्वी-मध्य भारत में सक्रिय रहेगा मानसून, जानें अपने राज्य का मौसम

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 31, 2026, 2:45 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • कम दबाव सिस्टम ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए एमपी की ओर बढ़ेगा।
  • 2-3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में तेज मौसम गतिविधियां संभावित।
  • 4-6 सितंबर को पूरे एमपी, विदर्भ और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश का असर।
  • राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, पश्चिमी तट और दक्षिणी प्रायद्वीप में मानसून कमजोर ।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 1 सितंबर से 7 सितंबर 2026 तक की मौसम गतिविधियों को कवर करता है।

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उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब समुद्र से आगे बढ़कर जमीन पर आ गया है। फिलहाल यह गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और उससे सटे बंगाल की खाड़ी के हिस्सों पर एक Well-Marked Low Pressure Area के रूप में बना हुआ है। यह सिस्टम अगले दो दिनों के दौरान ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद इसके मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश के हिस्सों से होकर आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से देश के पूर्वी और मध्य भागों में मानसून सक्रिय से जोरदार हो सकता है। बारिश का असर पूर्वी राजस्थान के सीमावर्ती हिस्सों तक पहुंच सकता है और गुजरात में भी कुछ जगहों पर बारिश की गतिविधि दस्तक दे सकती है।

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सैटेलाइट इमेज, Himawari

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2-3 सितंबर को पूर्वी MP, बिहार और झारखंड में तेज बारिश

गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा, झारखंड, दक्षिणी बिहार और छत्तीसगढ़ में आज से ही मौसम गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। कल तक बारिश का प्रभाव पूर्वी मध्य प्रदेश तक पहुंच सकता है। 2 और 3 सितंबर को मौसम की सबसे तेज गतिविधियां पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में केंद्रित रहने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती हिस्सों और विदर्भ में भी बारिश का असर पहुंच सकता है। इसके बाद 4 से 6 सितंबर के बीच पूरे मध्य प्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश से लगे सीमावर्ती क्षेत्र, विदर्भ और पूर्वी राजस्थान में एक-दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

दक्षिण भारत में कमजोर मानसून, देश का बारिश घाटा आगे बढ़ सकता है

अगले एक सप्ताह के दौरान पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, पश्चिमी तट और दक्षिणी प्रायद्वीप में मानसून की गतिविधियां कमजोर से बहुत कमजोर रहने की संभावना है। इसके कारण दक्षिणी हिस्सों में बारिश की कमी और बढ़ सकती है। फिलहाल दक्षिण भारत में बारिश का घाटा 24% है। इसके विपरीत, देश के मध्य हिस्सों में बारिश की कमी अभी 4% है और इसमें कुछ सुधार हो सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की स्थिति लगभग यथावत रहने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर भारत में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के बावजूद बारिश की कमी और बढ़ सकती है। पूरे देश में इस समय 14% बारिश की कमी है, जो सितंबर के पहले 10 दिनों में मामूली तौर पर 1-2% कम हो सकती है, लेकिन इसके बाद बारिश की कमी फिर धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

यह सिस्टम गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा से आगे बढ़कर अगले दो दिनों में ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य प्रदेश की ओर जाएगा।

पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में 2-3 सितंबर के दौरान मौसम गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं।

नहीं, अगले एक सप्ताह दक्षिणी प्रायद्वीप, पश्चिमी तट, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र समेत कई दक्षिणी हिस्सों में मानसून कमजोर से बहुत कमजोर रहने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है