चक्रवात अर्नब से बढ़ेगी आफत, ओडिशा-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का खतरा, कई राज्यों तक असर

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Oct 27, 2026, 7:30 PM
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ओडिशा-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

मुख्य मौसम बिंदु

  • ओडिशा में 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
  • छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश का खतरा है।
  • तेलंगाना में 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश संभव है।
  • 29 अक्टूबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वानुमान की वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 30 अक्टूबर तक मान्य है। लगातार बारिश से बाढ़, जलभराव और धान की फसल की कटाई प्रभावित होने का खतरा है।

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चक्रवात अर्नब के पूर्वी तट के पास पहुंचने और इसके बाद अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ने के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के तेलंगाना में भारी बारिश का खतरा बढ़ने का अनुमान है। 27 से 29 अक्टूबर के दौरान बारिश की गतिविधियां तटीय इलाकों से आगे बढ़कर देश के अंदरूनी हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती हैं। इससे समुद्र से दूर स्थित इलाकों में भी लोगों को परेशानी हो सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

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चक्रवात कमजोर होने पर भी बारिश और बाढ़ का खतरा

चक्रवात के प्रभाव से होने वाली भारी बारिश और तट के पास चलने वाली तेज हवाओं के खतरे में अंतर है। चक्रवात अर्नब का व्यापक वायुमंडलीय परिसंचरण नमी वाली हवाओं को अंदरूनी इलाकों तक पहुंचा सकता है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाली हवाओं के मिलने से बादल बन सकते हैं और बारिश के कई दौर जारी रह सकते हैं।

तट से टकराने के बाद जमीन पर घर्षण बढ़ने और समुद्र से मिलने वाली ऊर्जा कम होने के कारण चक्रवात की हवाएं धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती हैं। हालांकि, इसका वायुमंडलीय परिसंचरण कुछ समय तक बारिश कराता रह सकता है। इसलिए चक्रवात के कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि अंदरूनी इलाकों में बाढ़ का खतरा भी तुरंत समाप्त हो जाएगा। लगातार बारिश से नदियों, नालों और जलग्रहण क्षेत्रों में पानी बढ़ सकता है।

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27 और 28 अक्टूबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश

मंगलवार, 27 अक्टूबर को ओडिशा में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। तेलंगाना में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। बुधवार, 28 अक्टूबर को ओडिशा के साथ तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी तेलंगाना में चक्रवात से जुड़ी हवाएं भी तेज हो सकती हैं।

इन राज्यों के लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर उन स्थानों की पहचान करना जरूरी है, जहां जलभराव या बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। पूरे राज्य में एक जैसी बारिश होने की संभावना नहीं है, इसलिए यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि सभी जिलों में मौसम का असर समान रहेगा।

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29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और झारखंड तक फैलेगा बारिश का दायरा

29 अक्टूबर तक बारिश का प्रभाव पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड की ओर बढ़ सकता है। इन राज्यों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विदर्भ में भी भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में सबसे अधिक बारिश कहां होगी, यह चक्रवात अर्नब के तट से टकराने और उसके बाद अंदरूनी क्षेत्रों की ओर बढ़ने के रास्ते पर निर्भर करेगा। चक्रवात की दिशा में मामूली बदलाव होने पर भी सबसे अधिक बारिश वाले क्षेत्र एक जिले से दूसरे जिले की ओर खिसक सकते हैं।

इसलिए परिवहन सेवाओं, सड़क मार्गों और स्थानीय प्रशासन के लिए मौसम संबंधी ताजा चेतावनियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। खासकर उन इलाकों में सतर्कता जरूरी है, जहां लगातार बारिश से सड़क संपर्क बाधित होने या पानी जमा होने की आशंका रहती है।

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लगातार बारिश से जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा

लगातार तेज बारिश होने से नालों और नदियों में पानी बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है और कम ऊंचाई वाले पुलों या सड़क मार्गों पर आवागमन बाधित हो सकता है। जिन छोटी नदियों और नालों में पानी तेजी से बढ़ता है, उनके आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

खेती पर भी बारिश का असर पड़ सकता है। धान की कटाई और अनाज को सुखाने का काम प्रभावित हो सकता है। किसानों को कटी हुई फसल और तैयार अनाज को सुरक्षित, ढके हुए स्थान पर रखना चाहिए। खेतों में पानी की निकासी के रास्ते भी साफ रखने चाहिए, लेकिन ऐसा केवल सुरक्षित परिस्थितियों में ही करें।

लोगों को तेज बारिश के दौरान बहते पानी को पार करने से बचना चाहिए और गैर-जरूरी यात्रा टाल देनी चाहिए। स्काईमेट के पूर्वानुमान के अनुसार, इन क्षेत्रों में बारिश का खतरा महत्वपूर्ण है। हालांकि, वास्तविक बाढ़ की स्थिति पहले हुई बारिश, मिट्टी में मौजूद नमी, नदियों के जलस्तर और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था पर भी निर्भर करेगी।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

ओडिशा में 27 और 28 अक्टूबर को, जबकि छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना है। विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी तेलंगाना में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है और 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश संभव है।

29 अक्टूबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश तथा विदर्भ में भारी बारिश होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है