उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट, लखनऊ-कानपुर-बरेली समेत कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट
मुख्य मौसम बिंदु
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के बीच भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट।
- 5 अगस्त को बारिश, गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का असर सबसे अधिक रहेगा।
- तराई और नेपाल सीमा से लगे जिलों में भी खराब मौसम की संभावना।
- राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक जारी रहेगी।
- पूर्वानुमान वैधता: 4 अगस्त से 7 अगस्त 2026 (सप्ताहांत तक हल्का असर जारी रह सकता है)।
उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। 4 से 7 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम का सबसे ज्यादा असर राज्य के पश्चिमी जिलों में रहेगा। इसके साथ ही उत्तराखंड की तराई और नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में भी खराब मौसम और तेज बारिश की संभावना है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की स्थिति बेहतर
इस मानसून सीजन के आधे सफर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की स्थिति पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) की तुलना में बेहतर रही है। अब तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 34% कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा की कमी केवल 18% है, जो सामान्य के करीब मानी जा रही है। अब 4 से 7 अगस्त के बीच आने वाला नया मानसूनी दौर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल के मुकाबले कहीं अधिक भिगोएगा। यानी इस बार सबसे ज्यादा बारिश पश्चिमी जिलों में होने की संभावना है।
मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ मिलकर बढ़ाएंगे बारिश की तीव्रता
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक रही है और 4 से 7 अगस्त के बीच यह हिमालय की तराई के करीब रहेगी। वहीं 4 अगस्त को एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में पहुंचेगा, जिससे मानसून ट्रफ और अधिक उत्तर की ओर खिंच जाएगी। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में तेज मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। यह खराब मौसम लगभग चार दिनों तक बना रहेगा और 5 अगस्त को इसका प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है।
इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर, वीकेंड तक बारिश
भारी बारिश से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले जिलों में औरैया, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, लखनऊ और कानपुर शामिल हैं। वहीं बरेली, पीलीभीत, रामपुर और मुरादाबाद जैसे तराई वाले जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। यूपी के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बौछारें देखने को मिल सकती हैं। 7 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता कम होगी, लेकिन सप्ताहांत तक कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना बनी रहेगी। यह भी पढ़ें: जून में तेज़- जुलाई में सुस्त, क्या अगस्त बदल देगा मानसून की पूरी तस्वीर?
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