उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट, लखनऊ-कानपुर-बरेली समेत कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 3, 2026, 5:00 PM
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यूपी में भारी बारिश का अलर्ट

मुख्य मौसम बिंदु

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के बीच भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट।
  • 5 अगस्त को बारिश, गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का असर सबसे अधिक रहेगा।
  • तराई और नेपाल सीमा से लगे जिलों में भी खराब मौसम की संभावना।
  • राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक जारी रहेगी।
  • पूर्वानुमान वैधता: 4 अगस्त से 7 अगस्त 2026 (सप्ताहांत तक हल्का असर जारी रह सकता है)।

उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। 4 से 7 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम का सबसे ज्यादा असर राज्य के पश्चिमी जिलों में रहेगा। इसके साथ ही उत्तराखंड की तराई और नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में भी खराब मौसम और तेज बारिश की संभावना है।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की स्थिति बेहतर

इस मानसून सीजन के आधे सफर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की स्थिति पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) की तुलना में बेहतर रही है। अब तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 34% कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा की कमी केवल 18% है, जो सामान्य के करीब मानी जा रही है। अब 4 से 7 अगस्त के बीच आने वाला नया मानसूनी दौर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल के मुकाबले कहीं अधिक भिगोएगा। यानी इस बार सबसे ज्यादा बारिश पश्चिमी जिलों में होने की संभावना है।

मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ मिलकर बढ़ाएंगे बारिश की तीव्रता

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक रही है और 4 से 7 अगस्त के बीच यह हिमालय की तराई के करीब रहेगी। वहीं 4 अगस्त को एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में पहुंचेगा, जिससे मानसून ट्रफ और अधिक उत्तर की ओर खिंच जाएगी। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में तेज मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। यह खराब मौसम लगभग चार दिनों तक बना रहेगा और 5 अगस्त को इसका प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है।

इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर, वीकेंड तक बारिश

भारी बारिश से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले जिलों में औरैया, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, लखनऊ और कानपुर शामिल हैं। वहीं बरेली, पीलीभीत, रामपुर और मुरादाबाद जैसे तराई वाले जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। यूपी के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बौछारें देखने को मिल सकती हैं। 7 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता कम होगी, लेकिन सप्ताहांत तक कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना बनी रहेगी। यह भी पढ़ें: जून में तेज़- जुलाई में सुस्त, क्या अगस्त बदल देगा मानसून की पूरी तस्वीर?

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

4 से 7 अगस्त के बीच बारिश तेज रहेगी, जबकि 5 अगस्त को सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

औरैया, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, लखनऊ, कानपुर, बरेली, पीलीभीत, रामपुर और मुरादाबाद सहित कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।

भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है