अरब सागर में कमजोर पड़ा निम्न दबाव क्षेत्र, अफ्रीकी तट की ओर बढ़ा, भारत पर क्या होगा असर?

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Oct 21, 2026, 3:00 PM
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निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर होकर सोमालिया के तट की ओर

मुख्य मौसम बिंदु

  • दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर का निम्न दबाव कमजोर होकर सामान्य निम्न दबाव क्षेत्र बना।
  • अगले 24 घंटों में पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर जाएगा।
  • कोंकण और गुजरात तट की ओर इसके लौटने की संभावना बहुत कम है।
  • लैंडफॉल के दौरान सोमालिया के तटीय और अंदरूनी हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वानुमान की वैधता: 22–23 अक्टूबर 2026 के लिए जारी पूर्वानुमान सिस्टम की वर्तमान दिशा और तीव्रता पर आधारित है। परिस्थितियों में बदलाव होने पर अपडेट जरूरी होगा।

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दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के बाद कमजोर होकर सामान्य निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे अपनी ताकत खोने की संभावना है। इसके बाद अपने अंतिम चरण में यह सिस्टम पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए सोमालिया के तट की ओर जाएगा। भूमध्यरेखीय क्षेत्र में दक्षिणी बंगाल की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। ये सिस्टम कोमोरिन क्षेत्र और मालदीव के आसपास से गुजर रहे हैं। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र तेजी से पश्चिम दिशा में खिसक रहा है।

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भारतीय तट से दूर जा रहा सिस्टम, महाराष्ट्र और गुजरात पर खतरा नहीं

जैसा कि पहले अनुमान लगाया गया था, इस समय अरब सागर में बनने वाली ज्यादातर मौसमी प्रणालियां भारतीय तट से दूर चली जाती हैं। जब ये सिस्टम अरब सागर के पश्चिमी हिस्से में पहुंच जाते हैं और 15° उत्तरी अक्षांश के दक्षिण में बने रहते हैं, तो इनके दोबारा मुड़कर कोंकण या गुजरात के तट की ओर आने की संभावना बहुत कम रह जाती है। वर्तमान में निम्न दबाव क्षेत्र लगभग 10° उत्तरी अक्षांश और 57° पूर्वी देशांतर पर स्थित है। यह भारतीय तट से काफी दूर और सोमालिया के तट के बेहद करीब है। इस स्थिति को देखते हुए इसके भारतीय तट की ओर लौटने और कोंकण या गुजरात के तटीय क्षेत्रों के लिए खतरा बनने की संभावना बहुत कम है।

समुद्र की ठंडी सतह और शुष्क हवाओं से कमजोर होगा सिस्टम

दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर में समुद्र की सतह का तापमान अपेक्षाकृत कम है और सोमालिया के तट के पास यह और नीचे गिर रहा है। समुद्र की सतह का कम तापमान सिस्टम को मिलने वाली ऊर्जा को सीमित कर सकता है। इसके अलावा, जमीन के संपर्क में आने और शुष्क हवा के सिस्टम में शामिल होने से भी इसकी ताकत घटती है। ऊंचाई के साथ हवाओं की गति और दिशा में अंतर यानी वर्टिकल विंड शीयर भी यहां अधिक मजबूत है, जो सिस्टम को कमजोर कर सकता है।

ऐसी मौसमी परिस्थितियों में निम्न दबाव क्षेत्र का लंबे समय तक मजबूत बने रहना मुश्किल होता है। कई बार ऐसी प्रणालियां समुद्र के ऊपर ही बिखर जाती हैं या अधिकतम चक्रवाती परिसंचरण के रूप में तट पार करती हैं। मौजूदा सिस्टम के 23 अक्टूबर 2026 को बेहद कमजोर अवस्था में सोमालिया के तट से टकराने यानी लैंडफॉल करने की संभावना है। इसके कारण सोमालिया के तटीय और अंदरूनी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के बाद कमजोर हो गया है। अब इसके पश्चिम की ओर और फिर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए सोमालिया के तट तक पहुंचने की संभावना है।

फिलहाल इसकी संभावना बहुत कम है। सिस्टम भारतीय तट से काफी दूर, लगभग 10° उत्तरी अक्षांश और 57° पूर्वी देशांतर पर स्थित है और पश्चिम की ओर बढ़ रहा है।

23 अक्टूबर 2026 को यह सिस्टम बेहद कमजोर अवस्था में सोमालिया के तट से टकरा सकता है। इसके कारण तटीय और अंदरूनी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है