तेलंगाना के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- चक्रवात मुरासु कमजोर होकर पूर्वी तेलंगाना और आसपास के आंध्र प्रदेश पर निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में बना है।
- चार राज्यों में बारिश में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
- 7 नवंबर से अन्य राज्यों में बारिश कम होगी और 8 नवंबर को गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी।
- 9 से 15 नवंबर के बीच मानसून की गतिविधियां से तमिलनाडु और केरल तक सीमित रहेंगी।
- Forecast Validity: यह पूर्वानुमान 15 नवंबर 2026 तक के मौसम को कवर करता है। निम्न दबाव क्षेत्र की स्थिति और उसकी तीव्रता में बदलाव होने पर पूर्वानुमान संशोधित हो सकता है।
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चक्रवात मुरासु (Cyclone Murasu) अब कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) में बदल गया है। इसका अवशेष निम्न दबाव क्षेत्र पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे आंध्र प्रदेश के हिस्सों पर बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) करीब 10,000 फीट की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम प्रणाली फिलहाल इसी क्षेत्र में बनी रहेगी और धीरे-धीरे कमजोर होकर समाप्त हो जाएगी।
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इस निम्न दबाव क्षेत्र के ज्यादा आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। यह उसी क्षेत्र में धीरे-धीरे कमजोर होकर समाप्त हो सकता है। इसके प्रभाव से अगले करीब चार दिनों तक संबंधित इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने और बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

सैटेलाइट इमेज, Himawari
आंध्र प्रदेश के तट से टकराए दो चक्रवात, कई राज्यों में हुई बारिश
आंध्र प्रदेश के समुद्री तट पर लगातार दो चक्रवातों ने दस्तक दी। उष्णकटिबंधीय तूफान अर्नब (Tropical Storm Arnab) और चक्रवात मुरासु ने क्रमशः 28 अक्टूबर 2026 और 3 नवंबर 2026 को तट पर लैंडफॉल किया। अर्नब ने नरसापुर के पास तट को पार किया, जबकि मुरासु ने ओंगोल के आसपास लैंडफॉल किया।
लगातार आए इन दोनों चक्रवातों का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के पूरे तटीय क्षेत्र में देखने को मिला। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के आंतरिक हिस्सों, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी अलग-अलग तीव्रता से बारिश हुई। तमिलनाडु में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे राज्य में मानसूनी सीजन के दौरान हुई बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो गई।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में क्रमशः सामान्य से मध्यम और भारी बारिश दर्ज की गई। इन दोनों क्षेत्रों में मौसमी बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर तक पहुंच गया है। हालांकि, आंध्र प्रदेश के आंतरिक हिस्से यानी रायलसीमा और पूरे तेलंगाना में अब भी बारिश की काफी कमी बनी हुई है। अगले कुछ दिनों तक बारिश होने के बावजूद इन दोनों क्षेत्रों में बारिश की कमी पूरी होने की संभावना नहीं है।
आंध्र प्रदेश समेत 4 राज्यों में बारिश, 7 नवंबर से घटेगी गतिविधियां
चक्रवात मुरासु के अवशेष से बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से चार राज्यों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है। इनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। आज यानी 6 नवंबर को पूरे आंध्र प्रदेश, जिसमें रायलसीमा भी शामिल है, के साथ ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के आसपास के हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, बारिश की तीव्रता बहुत ज्यादा रहने की संभावना नहीं है।
कल यानी 7 नवंबर को आंध्र प्रदेश को छोड़कर अन्य राज्यों में बारिश का दायरा और तीव्रता कम होने लगेगी। 7 नवंबर से ज्यादातर अन्य क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां समाप्त होने लगेंगी, जबकि आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद 8 नवंबर को बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है।
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9 से 15 नवंबर तक मौसम रहेगा साफ, दक्षिण भारत में जारी रहेगी बारिश
9 नवंबर से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने की संभावना है। इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां समाप्त होने के बाद अगले करीब एक सप्ताह यानी 9 से 15 नवंबर 2026 तक मौसम सामान्य और अनुकूल बना रह सकता है। इस दौरान दक्षिण भारत में मानसून की गतिविधियां मुख्य रूप से तमिलनाडु और केरल तक सीमित रहेंगी। इन दोनों राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार हैं। यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में दिवाली पर मौसम रहेगा सुहावना, अगले सप्ताह बारिश के आसार















