
पंजाब में पिछले हफ्ते हुई बारिश के चलते खेती को नुकसान पहुंचा है। इस समय रबी फसलों की कटाई का काम चल रहा है ऐसे में तेज़ हवाओं के साथ बारिश फसलों को नुकसान पहुंचाती है।
इस सप्ताह बहुत भारी बारिश की आशंका फिलहाल नहीं है। हालांकि प्री-मॉनसून सीजन में मौसम में थोड़ा भी बदलाव कभी-कभी लोगों के लिए भारी पड़ जाता है।
21 से 27 अप्रैल के बीच पंजाब के अधिकांश हिस्सों में और अधिकांश समय मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहेगा। लेकिन 21 अप्रैल को उत्तरी क्षेत्रों यानि तराई से सटे जिलों में एक-दो जगहों पर आँधी और हल्की बारिश की आशंका रहेगा।
22 अप्रैल को अमृतसर, होशियारपुर, कपूरथला, तरण-तारण में इसी तरह की हलचल बनी रह सकती है। 23 अप्रैल को फाजिल्का, फ़रीदकोट, श्रीमुक्तसर साहिब, भटिंडा, बरनाला, मोगा, मनसा, संगरूर, पटियाला और लुधियाना में भी हल्की वर्षा बादलों की गर्जना और आँधी के साथ हो सकती है।
24 से 27 के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। लेकिन एक-दो स्थानों पर अचानक मौसम बिगड़ने और हल्की वर्षा की संभावना से इंकार नहीं कर सकते। इस सप्ताह पंजाब में तापमान बढ़ने की भी संभावना है।
पंजाब के किसानों के लिए फसल सलाह
जिन इलाकों में वर्षा की संभावना है वहाँ अपनी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखना सबसे ज़रूरी काम है। साथ ही ऐसे क्षेत्रों में अभी कटाई और मड़ाई का काम आपको रोकना पड़ेगा। मौसम साफ हो जाने पर गेहूं की कटाई व गहाई का काम शीघ्र ही सम्पन्न करें।
गन्ने की फसल में आवश्यकता या मौसम के अनुसार 7 से 12 दिन पर सिंचाई करते रहें।
कोविड़-19 (कोरोना वाइरस) के प्रकोप को देखते हुए किसानों को कटाई और गहाई का काम जहां तक संभव हो मशीनों द्वारा ही करें। कटाई के बाद अवशेषों को जलाने से बचें।
इस समय टमाटर की फसल में फल छेदक कीट का प्रकोप हो सकता है। इसकी रोकथाम के लिए 30 मि.ली. फेम या 60 मि.ली. कोराजेन 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़कें। छिड़काव साफ मौसम में ही करें।
मौसम साफ रहने पर मूंग की फसल में खर-पतवारों की रोकथाम के लिए पहली गुड़ाई करें।
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