[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 18 सितंबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Sep 17, 2026, 12:00 PM
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मौसम पूर्वानुमान

देश भर में मौसम प्रणाली:

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अब अनुकूल होती जा रही हैं। स्काईमेट के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है।

इस समय सौराष्ट्र और उससे सटे पूर्वोत्तर अरब सागर पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।

इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है।

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समुद्र तल पर मानसून की ट्रफ इस निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र से होते हुए बीकानेर, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकोरा और दीघा से गुजर रही है तथा आगे दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।

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वहीं, उत्तरी थाईलैंड पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर पहुंचने की संभावना है।

इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तरी अंडमान सागर पर एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है। इसके बाद यह सिस्टम अगले 3 से 4 दिनों के दौरान मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है और दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पहुंच सकता है।

उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में सक्रिय है।

इसकी धुरी 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 28° उत्तर के उत्तर में लगभग 64° पूर्व के पास है। उत्तरी गंगीय पश्चिम बंगाल से उत्तर ओडिशा तक 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच एक ट्रफ भी बनी हुई है।

पूर्वोत्तर असम, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और मराठवाड़ा के ऊपर भी ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं। मराठवाड़ा के परिसंचरण से एक ट्रफ आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु होते हुए करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर मन्नार की खाड़ी तक फैली है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें हुईं।

कोंकण और गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, पंजाब, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी कई जगहों पर बारिश हुई।

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कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई, जबकि हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। जिसमें जम्मू में 11 सेमी, रत्नागिरी में 8 सेमी, हिसार में 6 सेमी और कटरा में 4 सेमी बारिश हुई। सेलम और धुबरी में 4-4 सेमी, जबकि नॉर्थ लखीमपुर, चेरापूंजी, पासीघाट, तुनी और प्रयागराज में 3-3 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।

देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.2°C पिलानी, राजस्थान में दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.0°C हाफलोंग, असम में रहा है।

रायलसीमा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा। गंगीय पश्चिम बंगाल, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और केरल में भी कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटे को दौरान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है

हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बिजली चमकने के साथ 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पूर्वी राजस्थान में 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कई स्थानों पर बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र तथा सौराष्ट्र और कच्छ में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है, हालांकि यहां भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।

केरल और लक्षद्वीप में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। केरल, तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक के बाकी हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है।

हां, दिल्ली में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

परिस्थितियां अनुकूल होने पर 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है