[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 03 नवंबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Nov 2, 2026, 2:45 PM
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मौसम पूर्वानुमान

देश भर में मौसम प्रणाली:

दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में पहुंच गया है। यह समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम हिस्से में सक्रिय गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु (Murasu) पिछले 6 घंटों के दौरान 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है।

2 नवंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे यह 13.9° उत्तरी अक्षांश और 81.8° पूर्वी देशांतर पर केंद्रित था। उस समय यह चेन्नई से लगभग 200 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व, नेल्लोर से 210 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, मछलीपट्टनम से 270 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, कवाली से 220 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और ओंगोल से 260 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था।

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चक्रवात मुरासु के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और नेल्लोर से नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में टकराने की संभावना है।

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इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच लैंडफॉल करने का अनुमान है।

एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं के बीच ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसकी धुरी समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर है और यह लगभग 71° पूर्वी देशांतर के साथ 23° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में फैला हुआ है।

दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और लगातार बना हुआ है।

इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर भी 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पूर्व-मध्य अरब सागर और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और उत्तरी तटीय तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के दौर भी देखने को मिले। दक्षिण केरल के कुछ अलग-अलग इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई।

तटीय ओडिशा, दक्षिणी छत्तीसगढ़, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण कोंकण और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, नागालैंड, पूर्वी असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर मध्यम बारिश देखने को मिली।

तापमान की बात करें तो मराठवाड़ा के अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। वहीं, तमिलनाडु के तिरुपत्तूर में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

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अगले 24 घंटे को दौरान, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी तटीय तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, रायलसीमा, दक्षिणी छत्तीसगढ़ और केरल के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल, उत्तरी तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण कोंकण और गोवा तथा लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, मराठवाड़ा, तमिलनाडु, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में हल्की बारिश होने की संभावना है।

किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

चक्रवात मुरासु के 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास तट से टकराने की संभावना है।

दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी तटीय तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, दक्षिणी छत्तीसगढ़ और केरल में भी बारिश के साथ कुछ भारी दौर संभव हैं।

तमिलनाडु के तिरुपत्तूर में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है