[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 05 नवंबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Nov 4, 2026, 11:45 AM
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मौसम पूर्वानुमान

देश भर में मौसम प्रणाली:

भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Murasu) के अवशेष के रूप में बना गहरा अवदाब (Deep Depression) अब कमजोर होकर अवदाब (Depression) में बदल गया है।

यह सिस्टम तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे पूर्वी तेलंगाना के ऊपर सक्रिय था। पिछले 6 घंटों के दौरान यह 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग उत्तर दिशा की ओर बढ़ा।

4 नवंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे यह पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 17.0° उत्तरी अक्षांश और 80.1° पूर्वी देशांतर पर केंद्रित था।

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इसका केंद्र नंदिगामा से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम, खम्मम से 30 किलोमीटर दक्षिण, विजयवाड़ा से 80 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम, नलगोंडा से 90 किलोमीटर पूर्व और भद्राचलम से 110 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था।

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यह सिस्टम अगले 12 घंटों के दौरान लगभग उत्तर दिशा में आगे बढ़ते हुए और कमजोर होकर स्पष्ट रूप से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) में बदल सकता है।

उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों पर बना चक्रवाती परिसंचरण अब दक्षिण असम और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर स्थित है। यह समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर है।

तटीय कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों पर बना चक्रवाती परिसंचरण अब कोंकण, गोवा और आसपास के क्षेत्रों में पहुंच गया है। यह समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

दक्षिण तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

लक्षद्वीप और आसपास के क्षेत्रों पर बना चक्रवाती परिसंचरण कायम है। यह समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

सौराष्ट्र और कच्छ तथा आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश हुई।

छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हुई।

गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई।

तापमान की बात करें तो मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और आंतरिक कर्नाटक में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।

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वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों और पश्चिमी मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे अधिक नीचे दर्ज किया गया।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटे को दौरान, दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, रायलसीमा, दक्षिणी कर्नाटक और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।

गंगीय पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर बर्फबारी होने की संभावना है।

किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

चक्रवाती तूफान मुरासु के अवशेष के रूप में बना गहरा अवदाब अब कमजोर होकर अवदाब में बदल गया है। यह पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास सक्रिय है। अगले 12 घंटों में इसके और कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रायलसीमा, दक्षिणी कर्नाटक, दक्षिणी छत्तीसगढ़, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में भी बारिश संभव है।

हां, अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है