भारतीय समुद्रों में एक साथ 3 निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय, दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की भारी बारिश का अलर्ट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Oct 23, 2026, 12:48 PM
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मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी में 26 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है।
  • संभावित तूफान उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण तटीय ओडिशा की ओर बढ़ सकता है।
  • दक्षिण भारत के कई राज्यों सहित लक्षद्वीप में भारी से बहुत भारी बारिश संभव है।
  • अरब सागर का निम्न दबाव क्षेत्र सोमालिया के तट के पास पहुंच गया है, भारत पर कोई खास असर नहीं।
  • पूर्वानुमान वैधता: पूर्वानुमान 23–26 अक्टूबर 2026 तथा अगले एक सप्ताह की संभावित गतिविधियों के लिए है। सिस्टम की दिशा, गति और तीव्रता बदलने पर स्थिति में बदलाव हो सकता है।

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भारत के समुद्री तटों के आसपास तीन अलग-अलग निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Areas) सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अगले एक सप्ताह के दौरान पूर्वोत्तर मानसून की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। शुरुआत में दक्षिण भारत के राज्यों में खराब मौसम और बारिश का असर देखने को मिलेगा। इसके बाद मौसम की गतिविधियां आंध्र प्रदेश के पूर्वी तट और ओडिशा की ओर बढ़ सकती हैं। इस बीच, पोस्ट-मानसून सीजन 2026 का पहला चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो सकता है। अगले एक सप्ताह के दौरान आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों में खतरनाक मौसम की आशंका है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश और अन्य प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।

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सोमालिया के पास पहुंचे अरब सागर के निम्न दबाव क्षेत्र का भारत पर असर नहीं

अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए सोमालिया के तट के बेहद करीब पहुंच गया है। समुद्र में पर्याप्त ऊष्मा ऊर्जा नहीं मिलने के कारण यह सिस्टम ज्यादा मजबूत नहीं हो सका। अब इसके जल्द ही सोमालिया के तट को पार करने और कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से सोमालिया के तट के आसपास और समुद्र से सटे कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में यह सिस्टम कमजोर होकर लगभग निष्क्रिय हो सकता है। हालांकि, इस मौसमी सिस्टम से भारत के मौसम पर किसी खास प्रभाव की संभावना नहीं है।

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तमिलनाडु, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का खतरा

एक अन्य निम्न दबाव क्षेत्र कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण तमिलनाडु के आसपास बना हुआ है। इसके कारण कोमोरिन क्षेत्र, मालदीव, लक्षद्वीप, केरल और आसपास के समुद्री इलाकों में मौसम खराब बना हुआ है। इस सिस्टम के पास मौजूद एक अन्य मौसमी सिस्टम भी बारिश की गतिविधियों को बढ़ाने में मदद कर रहा है। इसके अलावा, उत्तर तटीय तमिलनाडु के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग 7,000 फीट की ऊंचाई तक फैला है। इन सभी सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से भूमध्य रेखा से 15° उत्तरी अक्षांश तक बड़े क्षेत्र में मौसम की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

अगले चार दिनों के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में इतनी ज्यादा बारिश हो सकती है कि बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाए। भारत में तमिलनाडु, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप क्षेत्र में खराब मौसम का खतरा अधिक रहेगा। इन क्षेत्रों में 23 से 26 अक्टूबर के बीच अलग-अलग समय पर भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति बन सकती है। बाद में यह मौसमी सिस्टम मध्य बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाले संभावित चक्रवाती तूफान में मिल सकता है।

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बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन के बाद चक्रवाती तूफान बनने की संभावना

अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी और उससे सटी मध्य-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण लगभग 18,000 फीट की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर 2026 को चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो यह पोस्ट-मानसून सीजन 2026 का पहला चक्रवाती तूफान होगा।

इस संभावित तूफान के उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण तटीय ओडिशा की ओर बढ़ने की आशंका है। इसलिए मौसम से जुड़ी चेतावनियों पर नजर रखना और समय रहते जरूरी सावधानियां अपनाना महत्वपूर्ण होगा। चक्रवाती तूफानों का रास्ता, उनकी तीव्रता और उनके विकसित होने का समय बदल सकता है, इसलिए इनके बारे में सटीक अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण होता है। तमिलनाडु से लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक पूरे पूर्वी तट को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए संबंधित क्षेत्रों में सावधानी बरतनी चाहिए और आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करना चाहिए।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरा डिप्रेशन और 26 अक्टूबर 2026 को चक्रवाती तूफान बन सकता है।

उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण तटीय ओडिशा पर इसका संभावित असर पड़ सकता है। व्यापक मौसम गतिविधियों के कारण पश्चिम बंगाल और अन्य तटीय क्षेत्रों में भी सतर्कता जरूरी है।

तमिलनाडु, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 23 से 26 अक्टूबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है