मध्य प्रदेश पर निम्न दबाव का असर, उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 26, 2026, 2:00 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर निम्न दबाव क्षेत्र थोड़ा कमजोर हुआ है।
  • अगले 24 घंटों में उत्तर मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का खतरा है।
  • प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, उरई, सुल्तानपुर और रायबरेली में भारी बारिश।
  • बारिश का क्षेत्र धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़कर छत्तीसगढ़ और झारखंड तक पहुंच सकता है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 26 अगस्त 2026 तक मान्य है। पूर्वी भारत में बारिश फिर बढ़ सकती है।

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कल बना निम्न दबाव क्षेत्र अब थोड़ा कमजोर हुआ है और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश तथा इससे सटे क्षेत्रों पर बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अभी भी सक्रिय है और इसकी ऊंचाई 15,000 फीट से अधिक तक बनी हुई है। मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों तक इसी क्षेत्र के आसपास बनी रह सकती है। असामान्य स्थिति यह है कि यह सिस्टम कुछ समय के लिए पूर्व दिशा की ओर खिसकने में धीमा पड़ सकता है और बाद में मौसमी मानसून ट्रफ में समाहित हो सकता है। इसी बीच, एक और मौसम प्रणाली उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय हिस्सों के ऊपर बनने की संभावना है। शुरुआत में यह वहां ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में दिखाई दे सकती है।

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मध्य प्रदेश के इन हिस्सों में भारी बारिश का खतरा

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मौसम गतिविधियां मुख्य रूप से उत्तर मध्य प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश में केंद्रित रहेंगी। अगले 24 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दतिया, भिंड, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा, सागर, नौगांव और जबलपुर में भारी बारिश का खतरा रहेगा। वहीं, दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश के रतलाम, नीमच, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, धार, खरगोन और खंडवा में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश में भी मध्यम से भारी बारिश

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, फुरसतगंज, उरई, सुल्तानपुर और रायबरेली में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे बारिश का क्षेत्र पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगा और छत्तीसगढ़ तथा झारखंड के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। यह मौसमी गतिविधि 28 अगस्त 2026 तक जारी रहने की संभावना है।

29 अगस्त से फिर सक्रिय होगा पूर्वी भारत का मौसम

एक नया चक्रवाती परिसंचरण 29 अगस्त 2026 को बंगाल की खाड़ी और उत्तर ओडिशा तथा गंगीय पश्चिम बंगाल के तटीय हिस्सों के ऊपर बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से देश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ सकती हैं। हालांकि, इस सिस्टम के आगे के प्रभाव का अनुमान लगाना अभी थोड़ा जल्द होगा, लेकिन इसके कारण मानसूनी गतिविधियां अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच सकती हैं। बारिश का असर मध्य प्रदेश के बाहरी इलाकों, छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्सों और विदर्भ के पूर्वी किनारों तक पहुंचने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

अगले 24 घंटों में दतिया, भिंड, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा, सागर, नौगांव और जबलपुर में भारी बारिश की संभावना है।

प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, फुरसतगंज, उरई, सुल्तानपुर और रायबरेली में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

29 अगस्त को बंगाल की खाड़ी और उत्तर ओडिशा तथा गंगीय पश्चिम बंगाल के तटीय हिस्सों के पास नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जिससे पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है