चक्रवात अर्नब का असर बढ़ेगा, ओडिशा और मध्य भारत में फैलेगी भारी बारिश, 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का खतरा
चक्रवात अर्नब का असर केवल आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके प्रभाव से अगले 72 घंटों के दौरान ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और आसपास के मध्य भारतीय क्षेत्रों में बड़े दायरे में बारिश होने का अनुमान है। 27 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 28 अक्टूबर को कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इससे खासकर दक्षिणी और आंतरिक ओडिशा के जिलों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
चक्रवात के आसपास घूम रही नमी वाली हवाएं बारिश के इस दायरे को बढ़ाएंगी। तूफान के तट के करीब पहुंचने और फिर जमीन की ओर बढ़ने के दौरान वातावरण में नमी की मात्रा अधिक रहेगी। चक्रवात के उत्तर और उत्तर-पश्चिम में हवाओं के मिलने से लगातार बारिश वाले बादल विकसित हो सकते हैं। इसके अलावा, तट से टकराने के बाद चक्रवात कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन इससे जुड़ा बचा हुआ चक्रवाती परिसंचरण नमी को छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर ले जा सकता है। इस कारण चक्रवात की तटीय हवाएं कमजोर होने के बाद भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है।
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27 और 28 अक्टूबर को ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश
मंगलवार, 27 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कई स्थानों पर बारिश शुरू होने की संभावना है। इस दौरान छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। बुधवार, 28 अक्टूबर को ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इन राज्यों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ 50–60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। पश्चिम दिशा के अन्य इलाकों में भी बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बढ़ेगी बारिश
28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश होने की संभावना है। 28 अक्टूबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ और 29 अक्टूबर को उत्तरी छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। बुधवार, 28 अक्टूबर को झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान है। इसके बाद बारिश वाला क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर बढ़ सकता है। इस तरह चक्रवात अर्नब का प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा से आगे बढ़कर मध्य तथा पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम को प्रभावित कर सकता है।
किसानों की फसलों और यातायात पर पड़ सकता है असर
लगातार बारिश से धान की कटाई प्रभावित हो सकती है। खेतों में खड़ी फसल गिरने, पानी के प्रति संवेदनशील सब्जियों और अन्य उपज को नुकसान पहुंचने तथा काटकर रखे गए अनाज के भीगने का खतरा है। किसानों को बारिश के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव और खाद डालने का काम टालने, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुधारने और कटे हुए अनाज को सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। यात्रियों को भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि तेज बारिश से दृश्यता कम हो सकती है और निचले इलाकों में पानी भरने के कारण सड़क तथा रेल यातायात धीमा पड़ सकता है। चक्रवात का जमीन के भीतर आगे बढ़ने वाला रास्ता इस बात पर निर्भर करेगा कि वह कहां तट पार करता है और कितनी तेजी से कमजोर होता है। इसलिए लोगों को केवल सामान्य पूर्वानुमान पर निर्भर रहने के बजाय अपने राज्य और जिले की ताजा मौसम चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
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