बेंगलुरु में मूसलाधार बारिश का रिकॉर्ड, आने वाले दिनों में अधिक प्री-मानसून आँधी-बरसात के संकेत
मुख्य मौसम बिंदु
- बेंगलुरु में 111 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज
- अलग-अलग इलाकों में बारिश की मात्रा में बड़ा अंतर
- अगले 4-5 दिनों तक और बारिश की संभावना
- मई की शुरुआत तूफान और बारिश के साथ होगी
जैसा पहले अनुमान लगाया गया था, बेंगलुरु में कल शाम और रात के शुरुआती घंटों में बेहद भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान देखने को मिला। हालांकि यह बारिश पूरे शहर में एक समान नहीं थी और अलग-अलग इलाकों में इसकी मात्रा काफी अलग रही। शहर में रिकॉर्ड 111 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि HAL वेधशाला में 34 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं देवनहल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सबसे कम, करीब 13 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अप्रैल में सूखे के बाद राहत, प्री-मानसून की शुरुआत
अप्रैल महीने को प्री-मानसून की शुरुआत माना जाता है, जिसमें आमतौर पर गरज-चमक वाले तूफान और ऊंचा तापमान देखने को मिलता है। इसे साल का सबसे गर्म महीना भी माना जाता है, क्योंकि मई में बारिश के कारण तापमान में कमी आने लगती है। बेंगलुरु में अप्रैल की सामान्य बारिश 61.7 मिमी होती है। इस बार पूरे महीने लगभग सूखा रहने के बाद 29 अप्रैल को आए तेज तूफान और बारिश ने राहत दी और पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। आने वाले 4-5 दिनों तक शहर और आसपास के इलाकों में और बारिश होने की संभावना है।
विंड डिसकंटिन्युटी का असर, बढ़ेंगी प्री-मानसून गतिविधियां
तेलंगाना से लेकर गल्फ ऑफ मन्नार तक एक विंड डिसकंटिन्युटी (उत्तर-दक्षिण ट्रफ) बनी हुई है, जो कर्नाटक और तमिलनाडु से होकर गुजर रही है। यह सिस्टम अगले लगभग 4 दिनों तक बना रहेगा और पूर्व-पश्चिम दिशा में हल्का बदलाव करता रहेगा। इसके साथ ही तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से नम हवाएं अंदर की ओर आ रही हैं। इन दोनों के मिलेजुले असर से दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और खासतौर पर बेंगलुरु में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी।
मई की शुरुआत तूफानी, मानसून जून में देगा दस्तक
मई महीने की शुरुआत बेंगलुरु, मैसूरु, मांड्या, चामराजनगर, कोलार, हासन, तुमकुर और चित्रदुर्ग जैसे इलाकों में तेज बारिश और तूफान के साथ होने की संभावना है। करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित होने के कारण बेंगलुरु में मई के दौरान अक्सर बारिश और गरज-चमक होती रहती है। मई में औसत मासिक बारिश बढ़कर 128.7 मिमी तक पहुंच जाती है, जो अप्रैल से दोगुनी से भी ज्यादा है। वहीं तापमान में भी लगभग 1 डिग्री की गिरावट आती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर जून के पहले हफ्ते में यहां पहुंचता है।
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