बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ लो प्रेशर, डिप्रेशन बनने के संकेत; क्या जल्द आएगा मानसून?

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
May 11, 2026, 2:00 PM
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तमिलनाडु-श्रीलंका तट के पास बना लो प्रेशर, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बना।
  • अगले 3 दिनों में सिस्टम के डिप्रेशन में बदलने की संभावना।
  • दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती हैं।
  • यह सिस्टम मानसून की समय से पहले एंट्री में मददगार हो सकता है।

कोमोरिन क्षेत्र पर लंबे समय से बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में, उत्तरी श्रीलंका और तमिलनाडु तट के पास एक निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 20,000 फीट की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले लगभग तीन दिनों में यह सिस्टम ज्यादा मजबूत होकर एक स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र और बाद में डिप्रेशन में बदल सकता है।

इस बार अलग तरीके से बना मौसम सिस्टम

आमतौर पर प्री-मानसून सीजन में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती तूफान दक्षिण या उत्तर अंडमान सागर से बनते हैं और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए मजबूत बनते हैं। लेकिन इस बार मौसम सिस्टम(निम्न दबाव) का बनना सामान्य प्रक्रिया से अलग है। यह निम्न दबाव सीधे उसी क्षेत्र में बना है और श्रीलंका तथा तमिलनाडु के भूभाग के काफी करीब स्थित है। मौसम मॉडल अभी इसके भविष्य को लेकर एकमत नहीं हैं। कुछ मॉडल इसे मजबूत बताते हैं, जबकि कुछ इसके कमजोर पड़ने के संकेत दे रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में इस सिस्टम पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर, सैटेलाइट इमेज

बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर, सैटेलाइट इमेज

डिप्रेशन बनने के बाद समुद्र की ओर बढ़ सकता है सिस्टम

कुछ मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि अगले तीन दिनों में यह सिस्टम(निम्न दबाव) डिप्रेशन का रूप ले सकता है। जैसे-जैसे यह उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा, वातावरण इसके और मजबूत होने के लिए अनुकूल बन सकता है। हालांकि, मौसम विज्ञान के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि बंगाल की खाड़ी के इस हिस्से में बनने वाले ज्यादातर सिस्टम तमिलनाडु या दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के तट को पार नहीं करते हैं। ये सिस्टम मजबूत होने के बाद अक्सर पूर्वी तट से दूर होकर समुद्र के अंदर चले जाते हैं। इसके बाद इनके और अधिक मजबूत होकर म्यांमार या बांग्लादेश की ओर बढ़ने की संभावना रहती है। वहीं कुछ मामलों में प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण ये समुद्र में ही कमजोर भी पड़ जाते हैं।

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया, सैटेलाइट इमेज

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया, सैटेलाइट इमेज

मानसून की समय से पहले एंट्री के बन रहे संकेत

भले ही यह सिस्टम आगे किस दिशा में जाए या कितना मजबूत बने, लेकिन इसके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बंगाल की खाड़ी में भारी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। वहीं, भूमध्य रेखा के पार से आने वाली तेज हवाएं दक्षिण-पश्चिमी हवाओं को दक्षिण और उत्तर अंडमान सागर तक फैला सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ये परिस्थितियाँ दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मानसून की समय से पहले दस्तक के लिए अनुकूल साबित हो सकती हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में, उत्तरी श्रीलंका और तमिलनाडु तट के पास बना है।

अगले लगभग तीन दिनों में इसके डिप्रेशन बनने की संभावना है।

मौसम परिस्थितियाँ दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मानसून की जल्द एंट्री के लिए अनुकूल बन रही हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है