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पश्चिमी राजस्थान से सितंबर के महीने से मॉनसून की वापसी शुरू होने लग जाती है। आमतौर पर, इसके लिए सामान्य तिथि 1 सितंबर के आसपास होती है। किसी भी स्थिति में, मॉनसून की वापसी 1 सितंबर से पहले शुरू नहीं होती है। ज्यादातर समय, मॉनसून के वापसी की समय सितंबर का दूसरा सप्ताह होता है।
2011 से 2018 तक के मॉनसून वापसी की तारीखों पर एक नजर:
आमतौर पर, लगभग सभी सालों में सितंबर के अंत तक ही मॉनसून की वापसी देखी गई है।
साल 2013 की अगर बात करें तो, 9 सितंबर को मॉनसून की वापसी की शुरुआत तो हुई थी, लेकिन 18 सितंबर तक वह स्थिर रहा और उसके बाद मॉनसून वापसी की ओर गया।
ऊपर दिए गए टेबल को देखने के बाद हम कह सकते हैं कि 2011 और 2018 के बीच केवल 2015 ऐसा साल रहा है जब मॉनसून की वापसी सामान्य तिथि के बेहद करीब रही थी। इसके अलावा, साल बाकी के 8 सालों में, मॉनसून की वापसी 15 सितंबर के बाद ही शुरू हुई थी।
इससे पहले, स्काइमेट के विशेषज्ञों ने मॉनसून की वापसी की बात 20 सितंबर के आसपास कही था। हालांकि, उनके मुताबिक वापसी की संभावना अब आगे बढ़ती हुई दिख रही है।
आपको बता दें कि, केवल स्काइमेट ही नहीं बल्कि इसके अलावा कुछ अन्य एजेंसियों ने भी 15 से 20 सितंबर के बीच कभी भी मॉनसून के वापसी का अनुमान लगाया था।
लगातार 5 दिनों तक बारिश की अनुपस्थिति, हवा के पैटर्न में बदलाव, एंटी-साइक्लोन का बनना, उमस में गिरावट और तापमान में वृद्धि को मॉनसून के वापसी की प्रक्रिया के लिए पैरामीटर माना जाता है।
देश के मध्य भागों में हो रही भारी बारिश का मुख्य कारण मध्यप्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्रों पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र है। इसके अलावा, एक निम्न दवाब क्षेत्र बंगाल की खाड़ी में बनने की संभावना है। जो कि एक बार फिर देश के मध्य भागों से होकर गुजरेगा। जिसके कारण, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित गुजरात के हिस्सों फिर से बारिश कि संभावना है। यह निम्न दवाब क्षेत्र राजस्थान तक भी पहुंच सकता है।
आगामी बनने वाले दोनों मौसमी प्रणालियों के कारण हवा के पैटर्न में बदलाव होगा और राजस्थान में बारिश देखी जाएगी । हालांकि, स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, कम से कम 48 घंटों के तक इस प्रणाली को देखना होगा और फिर मॉनसून के वापसी की बातें साफ हो जाएगी। तब तक हम मॉनसून 2019 की वापसी की संभावना पर स्थिरता रखना चाहेंगे।
Also, Read In English: Withdrawal of Monsoon 2019 gets a little longer
अगर अगले दो से तीन दिनों यानि 48 घंटों में मॉनसून की वापसी की शुरुआत नहीं होती है तो हमें इसके वापसी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।
निम्न दवाब क्षेत्र के 24 या 25 सितंबर के आसपास गुजरात, मध्य प्रदेश तक पहुंचने की उम्मीद है और अगर ऐसा होता है तो मॉनसून की वापसी में स्वतः ही देरी हो जाएगी।
Image Credit: DNA India
कृपया ध्यान दें: स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें ।
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