[Hindi] तकनीक और आधुनिक प्रसंस्‍करण सुविधाओं की मदद से भारत जल्द ही विश्व में कृषि निर्यात के बड़े केन्‍द्र के रूप में उभरेगा-प्रधानमंत्री मोदी

November 6, 2020 4:15 PM|

भारत में कृषि क्षेत्र रोज़गार उपलब्ध कराने वाला सबसे प्रमुख क्षेत्र है। एक अनुमान के अनुसार लगभग 58% लोगों की आजीविका खेती और खेती से जुड़े कारोबार पर निर्भर करती है। भारत कृषि उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया में दूसरे स्थान पर है।2018 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक 17-18% रहा।

वर्ष 2019-20 में भारत में दुनिया के विभिन्न देशों को अलग-अलग कृषि श्रेणियों में 1 लाख 15 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का निर्यात किया। इसमें बासमती चावल शीर्ष पर रहा। एक साल की अवधि में लगभग 31 हज़ार करोड़ रुपये मूल्य का बासमती चावल निर्यात किया गया।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कृषि उत्पादक देश होने के बावजूद खाद्य प्रसंस्करण के मामले में विश्व प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहा है। हालांकि सरकार रोज़गार उपलब्ध कराने के मामले में कृषि क्षेत्र की क्षमता से बखूबी वाकिफ है, इसी के चलते मोदी सरकार का कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार का प्रयास भी जारी है।

बृहस्पतिवार, 5 नवंबर, 2020 को हुए वैश्विक निवेशक गोलमेज सम्‍मेलन की अध्‍यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम भारत को वैश्विक विकास की प्रेरक शक्ति बनाने के लिए जो भी संभव होगा करेंगे। उन्‍होंने कहा कि भारत दुनिया का एक ऐसा देश है जहां विश्‍वसनीयता, स्थिरता, निरंतरता और प्रदूषण मुक्‍त विकास के अवसरों के साथ निवेशकों के लिए लाभ कमाने के मौके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में हाल के सुधारों से देश के किसानों के साथ साझेदारी की शानदार संभावनाएं बनी हैं। उन्‍होंने कहा कि तकनीकि और अत्‍याधुनिक प्रसंस्‍करण सुविधाओं से भारत जल्द ही कृषि पदार्थों का प्रमुख निर्यातक देश बन जायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सशक्त होगा तो विश्‍व की आर्थिक व्‍यवस्‍था में स्थिरता लाने में यह महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

खाद्य प्रसंस्करण और कृषि क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में लोकतंत्र, यहाँ मौजूद मानव संसाधन, विविधता निवेशकों को व्यवसाय करने के अनुकूल हैं। उन्‍होंने कहा कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का लचीलापन हमारी व्‍यवस्‍था की ताकत, जनता के सहयोग और दूरगामी स्थिर नीतियों से प्रेरित है।

भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र:

भारत में इस समय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का लाभ क्षमता से कम लिया जा रहा है। हालांकि इसे और उपयोगी बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। भारत के कुल खाद्य बाज़ार में प्रसंस्कृत खाद्य की हिस्सेदारी 32% है। देश के कुल रोज़गार में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र 11.6% रोज़गार उपलब्ध कराता है। भारत के कुल निर्यात में प्रसंस्कृत खाद्य का निर्यात हिसा 10.7% रहा।

Image Credit:YouTube

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