[Hindi] लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी व गोरखपुर में मॉनसून मेहरबान, जारी रहेगी अच्छी वर्षा

August 24, 2017 12:06 PM|

Uttar Pradesh rainउत्तर प्रदेश में मॉनसून सक्रिय है और कई जगहों पर हल्की से मध्यम तो कहीं-कहीं भारी बारिश हो रही है। स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में अगले 48 घंटों तक बारिश इसी तरह से जारी रहेगी। मॉनसून की अक्षीय रेखा इस समय उत्तर प्रदेश में आगरा और वाराणसी होते हुए गुज़र रही है जिससे मॉनसून बारिश के लिए अनुकूल रहेगा।

पिछले 24 घंटों के दौरानबहराइचमें 64 औरवाराणसीमें 63 मिलीमीटर की भारी बारिश हुई।गोरखपुरमें 36 औरलखनऊमें 12 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य हिस्सों में भी कई जगहों पर हल्की जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा हुई, जो किसानों और खरीफ फसलों के लिए बड़ी राहत है। उत्तर प्रदेश में अब तक मॉनसून का प्रदर्शन सामान्य से कमज़ोर रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जून से 23 अगस्त तक सामान्य से 20 फीसदी कम 507 मिलीमीटर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 36 प्रतिशत कम 356 मिलीमीटर बारिश हुई है।

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स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मॉनसून की अक्षीय रेखा उत्तर प्रदेश से गुज़र रही है जिसके चलते राज्य में मॉनसून सक्रिय है। उत्तर प्रदेश के मध्य और पूर्वी भागों में अगले 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने के आसार हैं। इस दौरानइलाहाबाद,कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, बहराइच, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती सहित पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में कई जगहों पर अच्छी वर्षा हो सकती है। कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश का भी अनुमान है।

दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मॉनसून की बेरुखी अभी भी जारी रह सकती है।अलीगढ़,आगरा, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ सहित अन्य हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। बारिश विशेष नहीं होने के चलते कृषि के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। बिहार पर गरज और वर्षा वाले स्थानों की ताज़ा स्थिति जानने के लिए नीचे दिए गए चित्र पर क्लिक करें।

Lightning and rain in Uttar Pradesh and Agra

अगले 48 घंटों के बाद मॉनसून की अक्षीय रेखा मध्य भारत की ओर बढ़ जाएगी जिससे उत्तर प्रदेश में बारिश कम हो जाएगी। हालांकि उसके पश्चात भी कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा जारी रहने के आसार हैं। वर्तमान बारिश से उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कुछ भरपाई भले हो जाए लेकिन पश्चिमी जिलों में सूखे का संकट नहीं खत्म होने वाला है।

Image credit: Jagran.com

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