दिल्ली में मौसम बदलेगा रंग: वीकेंड पर कोहरा, अगले सप्ताह बारिश की बौछारें

January 17, 2025 1:10 PM|
दिल्ली में छाया घना कोहरा, फोटो: Canva

दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा बना हुआ है, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) 50 मीटर से भी कम हो गई है। पालम स्थित एयरपोर्ट ऑब्जर्वेटरी पर आज सुबह 2:00 बजे से 8:30 बजे तक घना से बेहद घना कोहरा छाया रहा, और इस दौरान दृश्यता शून्य रही। हालांकि, अन्य दिनों की तुलना में आज दृश्यता में सुधार काफी तेजी से हुआ। दिल्लीवासियों को आज अच्छी धूप का आनंद मिलेगा, जिससे अधिकतम तापमान 20°C से ऊपर पहुंच सकता है। वहीं, उम्मीद के मुताबिक आज सुबह न्यूनतम तापमान में गिरावट ई है।

अगलेहफ्तेबारिशकीसंभावना:शनिवार और रविवार को भी दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा रहने की संभावना है। अगले सप्ताह  21 से 23 जनवरी के बीच बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में फिर से बदलाव होगा, न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बढ़ जाएगा और दिन का तापमान औसत से नीचे आ जाएगा। इसके बाद, मौसम धीरे-धीरे साफ हो जाएगा, जो गणतंत्र दिवस के लिए अच्छा रहेगा।

पश्चिमीविक्षोभ से पहाड़ों और मैदानों में असर:कल 18 जनवरी को पश्चिमी हिमालय पर एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। हालांकि, इसका असर केवल पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। 21 जनवरी को एक और प्रणाली आने की संभावना है, जिसके साथ पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में प्रेरित परिसंचरण (इंड्यूस्ड सर्कुलेशन) होगा। यह दोनों प्रणालियां मिलकर पहाड़ों और मैदानी इलाकों के मौसम को प्रभावित करेंगी। 22 जनवरी को इसका प्रभाव अधिक व्यापक और तीव्र होगा।

दिल्लीऔरहरियाणाके मौसम पर असर:चक्रवाती परिसंचरण 22 जनवरी को दिल्ली और हरियाणा के आसपास के इलाकों में सक्रिय होगा। 21 जनवरी को दिल्ली में मौसम गतिविधि कम रहेगी, लेकिन 22 जनवरी को यह तेज हो जाएगी। इस दिन दिल्ली में व्यापक बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं। 23 जनवरी को यह मौसम प्रणाली(परिसंचरण) पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगी। लेकिन, दिल्ली अभी भी मौसम गतिविधि के दायरे में रहेगी, जो बड़े पैमाने पर हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को कवर करेगी। इस प्रणाली के गुजरने से दिल्ली में 5-10 मिमी तक बारिश हो सकती है।

दिल्ली मेंठंड बढ़ने की संभावना:मौसम प्रणाली के प्रभाव के बाद दिल्ली-एनसीआर में ठंड बढ़ने की संभावना है। इस दौरान शीतलहर की स्थिति बन सकती है, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी और ठंड बढ़ेगी।

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