उत्तर भारत में बढ़ेगी शीतलहर की मार, घना कोहरा छानें की आशंका
मुख्य मौसम बिंदु
- हरियाणा के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 4°C से नीचे गया।
- पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर होकर उत्तर जम्मू-कश्मीर तक सीमित है।
- अगले कुछ दिनों में मैदानी इलाकों में रात का तापमान तेजी से गिरेगा।
- 3–4 दिनों तक घने कोहरे से परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में दिन और रात दोनों समय तापमान कम रहने के कारण तेज ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि, शीत लहर (कोल्ड वेव) की स्थिति फिलहाल बहुत सीमित इलाकों तक ही बनी हुई है और वह भी मुख्य रूप से हरियाणा में। यहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे दर्ज किया गया। हिसार में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस और नारनौल में 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि भिवानी में तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इस समय पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के मैदानी इलाकों में सामान्य न्यूनतम तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस रहता है। शीत लहर की स्थिति बनने के लिए तापमान का 4 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे जाना जरूरी होता है।
पश्चिमी विक्षोभ और बर्फबारी का असर
पहाड़ों के ऊपर से गुजर रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवाओं का स्वतंत्र प्रवाह बाधित हो गया था। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हुई बर्फबारी के चलते दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। यही ठंड आगे चलकर मैदानी इलाकों तक पहुंची। मैदानी क्षेत्रों में हवा में मौजूद कोहरे (सस्पेंडेड फॉग) के कारण धूप निकलने में कमी रही, जिससे दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। हालांकि, रात के तापमान में कोई खास गिरावट नहीं हुई, इसी वजह से मैदानी इलाकों में व्यापक रूप से शीत लहर की स्थिति नहीं बन पाई और यह केवल कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित रही।
अब मौसम में बदलाव के संकेत
फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवाओं में जम्मू-कश्मीर के अत्यंत उत्तरी हिस्सों में स्थित है। अब बर्फबारी केवल ऊंचे पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित रहने की संभावना है। आसमान पहले की तुलना में साफ रहेगा और मैदानी इलाकों से फॉग धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। रात के समय बादल कम रहने और दिन में अच्छी धूप निकलने से रात में धरती से ऊष्मा का तेजी से विकिरण होगा। इसके चलते पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और राजस्थान के मैदानी इलाकों में रात के तापमान में तेज गिरावट आने की संभावना है। वहीं, पहाड़ों में बर्फबारी थमने के बाद और ठंडी, शुष्क हवाओं के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों सहित पहाड़ी इलाकों में न्यूनतम तापमान और अधिक नीचे गिर सकता है।
आने वाले दिनों में कोहरे और शीत लहर की आशंका
आने वाले 3 से 4 दिनों के दौरान तापमान, नमी और हवाओं का मेल व्यापक स्तर पर कोहरे के बनने के लिए अनुकूल हो जाएगा। घना और मोटा कोहरा परिवहन सेवाओं, खासकर हवाई यातायात को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, सुबह के समय वातावरण में धुंध छंटने के साथ दृश्यता में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है। अगले लगभग 10 दिनों तक पहाड़ों और मैदानी इलाकों दोनों में शीत लहर का असर देखने को मिल सकता है।








