[Hindi] 22-08-2015 के लिए राष्ट्रीय मौसम वीडियो रिपोर्ट

August 21, 2015 6:06 PM|

बंगाल की खाड़ी के उत्तर में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र विकसित हो गया है। अनुमान है कि अगले 24 घंटों के अंदर यह और सशक्त होकर निम्न दबाव का रूप ले लेगा।

इसके प्रभाव से मॉनसून रेखा का पूर्वी सिरा दक्षिणवर्ती हो गया है। इन गतिविधियों के बीच पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बारिश में कमी आने की संभावना है।

जबकि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियाँ एक बार फिर से ज़ोर पकड़ सकती हैं। विशेष रूप से बंगाल की खाड़ी से सटे पूर्वी तटीय भागों में अधिक बारिश हो सकती है।

मॉनसून रेखा का पश्चिमी सिरा इस समय तराई वाले भागों से होकर गुजर रहा है। यह हिमाचल प्रदेश से बिहार तक बनी हुई है। इधर जम्मू कश्मीर पर बना एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है। पश्चिमी विक्षोभ मॉनसून रेखा के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देता रहेगा। जबकि उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश में कई जगहों पर अच्छी मॉनसूनी बारिश दर्ज की जाएगी। यहाँ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के भी आसार हैं।

कर्नाटक और गोवा के तट के करीब एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र देखा जा सकता है। इससे निकलकर एक ट्रफ रेखा कर्नाटक के ऊपर से तेलंगाना तक पहुँच रही है। जिसके चलते गोवा, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना में अच्छी बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली सहित उत्तर भारत और देश के बाकी बचे भागों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने का अनुमान बना हुआ है। हालांकि राजस्थान में बारिश की संभावना बहुत ही कम है।

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