मानसून 2026 का पूर्वानुमान रिवाइज्ड: सामान्य से 15% कम बारिश के आसार, सूखे की आशंका बढ़ी

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 17, 2026, 4:15 PM
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मानसून 2026 पूर्वानुमान अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • मानसून 2026: पूरे सीजन में बारिश LPA की 85% रहने का अनुमान।
  • अगस्त: बारिश LPA की 84% यानी सामान्य से कम रहने की संभावना।
  • सितंबर: बारिश LPA की 80% रहने का अनुमान।
  • El Niño: लगातार मजबूत हो रहा है और मानसून पर दबाव बढ़ा सकता है।
  • सूखे का खतरा: पूरे जून-सितंबर मानसून सीजन में 70% सूखे की संभावना।
  • Forecast Validity: यह पूर्वानुमान अगस्त और सितंबर 2026 सहित पूरे जून-सितंबर 2026 मानसून सीजन के लिए है।

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स्काईमेट वेदर ने 7 अप्रैल 2026 को मानसून 2026 का पहला पूर्वानुमान जारी किया था। अब बदलती मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए स्काईमेट ने मानसून के पूर्वानुमान को अपडेट किया है। स्काईमेट के अनुसार, 2026 के पूरे मानसून सीजन में 70% सूखे की संभावना है और मौसमी बारिश LPA की 85% रह सकती है।

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स्काईमेट सहित देश की कई मौसम एजेंसियों ने पहले ही 2026 में सामान्य से कम मानसूनी बारिश का अनुमान जताया था। मानसून की शुरुआत के दौरान इसकी रफ्तार लगभग थम गई थी। जिससे बारिश कम हुई और जून का महीना बेहद कमजोर रहा था। इस कारण देश में सामान्य की तुलना में सिर्फ 65% बारिश हुई।

गौरतलब है जुलाई में मानसून ने तेजी से वापसी की, लेकिन जुलाई के दूसरे सप्ताह में ‘ब्रेक मानसून’ की स्थिति बनने से बारिश की गतिविधियां फिर कमजोर पड़ गईं। हालांकि, जुलाई के दूसरे हिस्से में मानसून ने अच्छी वापसी की और पूरे जुलाई महीने में बारिश लगभग सामान्य रही। बता दें, 1 जून से 31 जुलाई 2026 के बीच देशभर में सामान्य से 13% कम बारिश दर्ज की गई। यानी मानसून सीजन के आधे समय के बाद भी बारिश की कमी बनी हुई है।

अगस्त और सितंबर में भी कम बारिश का खतरा

स्काईमेट के अनुसार, अगस्त में देश के चारों मौसम क्षेत्रों (Homogeneous Regions) में बारिश का वितरण समान नहीं रहेगा। इसका मतलब है अगस्त में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश एक जैसी नहीं होगी। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश की कमी रह सकती है। जिस कारण अगस्त में कुल बारिश सामान्य से 16% कम रह सकती है।

वहीं, मजबूत होता अल-नीनो (El Niño) और कमजोर हिंद महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole) मानसून पर दबाव डाल सकते हैं। इसके कारण सितंबर में भी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। स्काईमेट का अनुमान है कि सितंबर में बारिश LPA से करीब 20% कम रह सकती है।

अल-नीनो (El Niño) बढ़ा रहा है मानसून का खतरा

स्काईमेट के मैनेजिंग डायरेक्टर जतिन सिंह के अनुसार, El Niño लगातार मजबूत हो रहा है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर (Equatorial Pacific Ocean) में समुद्र और वायुमंडल के बीच मजबूत होता तालमेल बहुत मजबूत अल-नीनो (El Niño) बनने की संभावना बढ़ा रहा है।

अनुमान है कि सितंबर की शुरुआत में अल-नीनो (El Niño) ‘मजबूत(Strong)’ से ‘ बहुत मजबूत (Very Strong)’ श्रेणी में पहुंच सकता है। ऐसे सुपर अल नीनो (Super El Niño) की स्थिति में मानसून के कमजोर रहने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, Positive Indian Ocean Dipole (IOD) बनने की संभावना भी है। लेकिन अभी इसके बनने के समय और इसकी ताकत को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।

मानसून 2026 का अपडेटेड पूर्वानुमान

बदलती मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए स्काईमेट ने 2026 के पूरे मानसून सीजन का पूर्वानुमान अपडेट करते हुए कुल बारिश LPA की 85% रहने का अनुमान लगाया है।

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अगस्त 2026

• पूर्वानुमान: अगस्त में देशभर में सामान्य बारिश 84% यानी करीब 214 मिमी रह सकती है।

• अगस्त में सामान्य बारिश (LPA) 254.9 मिमी होती है।

• 70% संभावना बारिश सामान्य से कम की है।

• 20% संभावना बारिश सामान्य से थोड़ी कम की है।

• 10% संभावना बारिश सामान्य की है।

सितंबर 2026

• पूर्वानुमान: इस बार करीब 134 मिमी यानी सामान्य की 80% बारिश हो सकती है

• सितंबर में सामान्य बारिश (LPA) 167.9 मिमी होती है।

• 70% संभावना बारिश सामान्य से कम की है।

• 20% संभावना बारिश सामान्य से थोड़ी कम की है।

• 10% संभावना बारिश सामान्य की है।

पूरे JJAS मानसून सीजन में सूखे का कितना खतरा?

जून से सितंबर यानी चार महीने के पूरे मानसून सीजन में स्काईमेट के आकलन में सूखे का खतरा सबसे ज्यादा है। इस पूर्वानुमान में ±4% की त्रुटि सीमा रखी गई है। ±4% की त्रुटि सीमा का मतलब है कि 4% तक ऊपर या नीचे का अंतर हो सकता है। यानी बारिश पूर्वानुमान से 4% अधिक या 4% कम हो सकती है।

  • 70% संभावना: सूखा पड़ सकता है, यानी बारिश सामान्य के 90% से कम रह सकती है।
  • 20% संभावना: बारिश सामान्य से कम रह सकती है, यानी 90% से 95% के बीच।
  • 10% संभावना: बारिश सामान्य रह सकती है, यानी 96% से 104% के बीच।
  • 0% संभावना: सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना नहीं है।
  • 0% संभावना: बहुत ज्यादा यानी सामान्य से 110% से अधिक बारिश की संभावना नहीं है।

आसान भाषा में समझें

स्काईमेट के नए पूर्वानुमान के मुताबिक 2026 का मानसून सामान्य से काफी कमजोर रह सकता है। जून और जुलाई के बाद भी बारिश की कमी बनी हुई है और अगस्त-सितंबर में भी कम बारिश का जोखिम है। बढ़ता El Niño मानसून के लिए सबसे बड़ी चिंता है, जबकि Positive IOD कुछ राहत दे सकता है, लेकिन उसकी ताकत और समय अभी स्पष्ट नहीं है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

स्काईमेट के अनुसार, पूरे मानसून सीजन में बारिश LPA की 85% रह सकती है और सूखे की 70% संभावना है।

अगस्त में बारिश LPA की 84% और सितंबर में 80% रहने का अनुमान है।

बढ़ता हुआ El Niño मानसून के लिए सबसे बड़ी चिंता है। Positive IOD कुछ राहत दे सकता है, लेकिन इसकी ताकत और समय अभी स्पष्ट नहीं है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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