बंगाल की खाड़ी में बना नया निम्न दबाव, पूर्वी भारत में भारी बारिश के आसार, कई राज्यों में अलर्ट
मुख्य मौसम बिंदु
- अगले दो दिनों में उत्तर ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड के आसपास भारी बारिश संभव।
- 14 से 16 अगस्त के बीच बिहार, पूर्वी यूपी और पूर्वी एमपी में बारिश बढ़ सकती है।
- 17 अगस्त से ब्रेक मानसून जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे हिमालय की तलहटी में भारी बारिश हो सकती है।
- Forecast Validity: यह पूर्वानुमान अगस्त के इस सप्ताह से अगले सप्ताह की शुरुआत तक के लिए है।
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बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश के तटीय हिस्सों के ऊपर नया निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है। यह सिस्टम धीरे-धीरे और अधिक प्रभावी हो सकता है और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके रास्ते में पश्चिम बंगाल, उत्तर ओडिशा, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाके आएंगे। इसके प्रभाव से इस पूरे सप्ताह इन राज्यों में मानसून सक्रिय रहने और कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश का यह दौर अगले सप्ताह तक भी आगे बढ़ सकता है और कुछ नए क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले सकता है।
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नया सिस्टम पिछले निम्न दबाव से अलग, पूर्वी राज्यों तक रहेगा सीमित
यह नया मौसम सिस्टम अपने बनने और आगे बढ़ने के रास्ते के लिहाज से थोड़ा असामान्य है। इसका ट्रैक पिछले निम्न दबाव क्षेत्र से बिल्कुल अलग रहेगा। पिछले सिस्टम के अवशेष अभी पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के आसपास मौजूद हैं, लेकिन नया निम्न दबाव इन इलाकों की तरफ जाने की संभावना नहीं है। इसलिए इसका असर मुख्य रूप से पूर्वी राज्यों और भारत-गंगा के मैदानी इलाकों की तलहटी तक सीमित रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस सिस्टम के उत्तर की ओर खिसकने की स्थिति में कुछ समय के लिए मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यह स्थिति स्थायी नहीं, बल्कि अस्थायी हो सकती है।
14 से 16 अगस्त के बीच बारिश का दायरा बढ़ेगा
शुरुआत में अगले दो दिनों तक भारी बारिश मुख्य रूप से उत्तर ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उत्तर छत्तीसगढ़ और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों तक सीमित रहेगी। इसके बाद 14 से 16 अगस्त के बीच बारिश का दायरा बढ़ेगा और बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी मध्य प्रदेश भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इस दौरान मानसून ट्रफ का प्रभाव भारत-गंगा के पूरे मैदानी क्षेत्र तक पहुंच सकता है, जिससे इन इलाकों में भी बारिश की गतिविधि बढ़ेगी। मौसम सिस्टम के बहुत ज्यादा मजबूत होने की संभावना नहीं है। इसके बजाय यह धीरे-धीरे उत्तर दिशा में बढ़कर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की तलहटी के करीब पहुंच सकता है।
17 अगस्त से बन सकते हैं ब्रेक मानसून के हालात
17 अगस्त से मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनने की संभावना है। ऐसी स्थिति में भारी बारिश का मुख्य क्षेत्र उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तलहटी से लेकर सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तक फैल सकता है। बिहार और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों के कई हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। वहीं, देश के अधिकांश अन्य हिस्सों, खासकर पश्चिमी और मध्य भारत में मौसम की गतिविधियां काफी कम हो सकती हैं। अगस्त का महीना मानसून ब्रेक के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। ब्रेक की अवधि कुछ दिनों से लेकर एक सप्ताह से अधिक भी हो सकती है। सामान्य मानसूनी गतिविधि आमतौर पर बंगाल की खाड़ी के उत्तर में एक नए मौसम सिस्टम के बनने के बाद वापस आती है। फिलहाल अगले सिस्टम के बनने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं और अगले सप्ताह की शुरुआत के आसपास तस्वीर ज्यादा साफ होने की उम्मीद है।
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