गुजरात में असामान्य ठंड, सौराष्ट्र से कच्छ तक सिंगल डिजिट तक लुढ़का पारा
मुख्य मौसम बिंदु
- गुजरात में दुर्लभ शीत लहर, सौराष्ट्र व कच्छ में सिंगल डिजिट तापमान
- अमरेली में न्यूनतम तापमान 6°C, इस मौसम का सबसे कम
- तटीय शहर पोरबंदर में भी सामान्य से 5°C कम तापमान
- पश्चिमी विक्षोभ से जल्द ठंड में कमी और तापमान बढ़ने की उम्मीद
गुजरात में सर्दियों के मौसम के दौरान आमतौर पर शीत लहर (कोल्ड वेव) की स्थिति देखने को नहीं मिलती, खासकर सौराष्ट्र तथा मध्य और दक्षिण गुजरात में। यहां आम तौर पर हल्की ठंड रहती है और न्यूनतम तापमान दो अंकों में बना रहना सामान्य माना जाता है। लेकिन इस बार हालात अलग हैं। रात के तापमान का एकल अंक (सिंगल डिजिट) में पहुंचना बेहद असामान्य है और इसी कारण मौजूदा ठंड को खास माना जा रहा है।
सौराष्ट्र से कच्छ तक रिकॉर्ड गिरावट
सौराष्ट्र के अमरेली में आज 15 जनवरी की सुबह न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रिकॉर्ड स्तर है। राजकोट में तापमान 8.4 डिग्री, इस मौसम का अब तक का सबसे कम स्तर रहा। वहीं, गाँधीनगर में भी पारा गिरकर 10.5 डिग्री पर पहुंच गया, जो इस सर्दी का न्यूनतम तापमान है। हैरानी की बात यह रही कि तटीय शहर पोरबंदर में भी न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। वहीं कच्छ क्षेत्र के नलिया में तापमान 7.4 डिग्री तक गिर गया, जो औसत से लगभग 4 डिग्री नीचे रहा।
अमरेली का ठंड से पुराना नाता
अमरेली में जनवरी के दौरान तापमान का एकल अंक में पहुंचना कोई नई बात नहीं है। पिछले दो दशकों में लगभग हर साल यहां तापमान सिंगल डिजिट में गया है, केवल 2024 इसका अपवाद रहा। प्राचीन गुजराती नाम अमरवल्ली से पहचाने जाने वाले अमरेली में 03 जनवरी 2024 को न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री दर्ज हुआ था। हालांकि, पिछले 20 वर्षों में 6 डिग्री से नीचे तापमान केवल एक बार गया है, जब 06 जनवरी 2014 को यहां 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
पश्चिमी विक्षोभ से मिलेगी ठंड से राहत
गुजरात के अधिकांश हिस्सों में बनी शीत लहर की स्थिति अब जल्द कमजोर पड़ने वाली है। उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में पहुंचने वाले दो पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान से मौसमी प्रतिचक्रवात को पीछे धकेल देंगे। इसके साथ ही राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बनेगा। हवाओं की दिशा बदलने से गुजरात में दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जो नमी और अपेक्षाकृत गर्म हवा लेकर आएंगी। इसके असर से तापमान तेजी से बढ़ेगा और आगामी सप्ताहांत से न्यूनतम तापमान फिर से 10–15 डिग्री के दायरे में पहुंचने की संभावना है।







